मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने आज शनिवार 8 अगस्त को एक बैठक बुलाई है. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय द्वारा बुलाई गई परिसीमन बैठक का DMK और AIADMK ने बहिष्कार किया है. DMK पार्टी ने बैठक बुलाने के समय और मकसद पर सवाल उठाए हैं. DMK ने आरोप लगाया कि वे परिसीमन की प्रक्रिया पर चर्चा के लिए सांसदों की बैठक के नाम पर ड्रामा कर रहे हैं और वह कावेरी जल विवाद से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं.

DMK सांसद कनिमोझी ने इसे कावेरी जल विवाद और मेकेदातु बांध के मुद्दे से ध्यान भटकाने वाला ‘दिखावा’ बताया. DMK और AIADMK समेत 37 सांसदों ने बैठक का बहिष्कार किया.

DMK ने साफ कर दिया है कि वह TVK सरकार की बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं होगी. एम. के. कनिमोझी ने कहा कि परिसीमन पर पार्टी का रुख पहले से ही तय है. ऐसे में दोबारा नई बैठक बुलाने की कोई तुक समझ नहीं आती. क्या सरकार चाहती है कि राजनीतिक दल अपना पहले वाला फैसला बदल दें?

तमिलनाडु के CM विजय द्वारा परिसीमन पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक को बड़ा झटका लगा है. DMK का कहना है कि इस समय सबसे बड़ा मुद्दा कावेरी और मेकेदातु बांध है. ऐसे में परिसीमन पर बैठक बुलाना लोगों का ध्यान असली मुद्दे से हटाने की कोशिश है.

DMK का आरोप है कि इस वक्त कावेरी नदी के पानी और मेकेदाटू बांध के निर्माण को लेकर किसानों का प्रदर्शन जारी है. ऐसे समय पर सरकार को मेकेदातु बांध के खिलाफ रणनीति बनाने के लिए बैठक बुलानी चाहिए थी.

DMK सांसद कनिमोझी ने कहा कि अगर किसानों की भलाई की सच में फिक्र है, तो राज्य सरकार के प्रतिनिधियों और सांसदों को तुरंत दिल्ली भेजा जाना चाहिए.

DMK सांसदों का बैठक से दूर रहना यह संकेत देता है कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस से अलग होने के बाद पार्टी परिसीमन बिल पर केंद्र सरकार का समर्थन अभी अप्रत्यक्ष रूप से कर रही है.  DMK सांसदों ने कहा कि उन्हें शनिवार को चेन्नई में रहने का कोई निर्देश नहीं मिला है.

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