बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा नई दिल्ली से दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की घोषणा ने बांग्लादेश की सियासत में हड़कंप मचा दिया है. शेख हसीना के भारत में दिए संबोधन के बाद बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार ऐसे ही भड़की हुई है. इसी बीच बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी एक सांसद नासिर उद्दीन चौधरी ने अवामी लीग को अपना राजनीतिक दुश्मन मानने से इनकार करते हुए उसे सहयोगी बताया है.

सांसद नासिर उद्दीन चौधरी के इस बयान ने नया सियासी विवाद खड़ा कर दिया है. ऐसे में सांसद की टिप्पणी को देश के बदलते राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

शेख हसीना के दिल्ली में अपना पहला सार्वजनिक भाषण देने और देश लौटने के दावे के बाद BNP के एक सांसद ने अवामी लीग के साथ विलय की बात कह कर बांग्लादेश में सियासी भूचाल ला दिया है. सुनामगंज-2 से सांसद नासिर उद्दीन चौधरी ने एक रैली में अवामी लीग को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की सहयोगी बताया.

बुधवार, 5 अगस्त को फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का वर्जुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया था. उन्होंने वर्जुअल मीटिंग में कहा कि उनकी वापसी “सत्ता के बारे में नहीं” बल्कि संवैधानिक व्यवस्था और लोकतंत्र को बहाल करने के बारे में है.

सांसद नासिर उद्दीन चौधरी की टिप्पणी का समय इसलिए भी अहम है क्योंकि बांग्लादेश में शेख हसीना और उनकी पार्टी को लेकर राजनीतिक माहौल बेहद संवेदनशील बना हुआ है. ऐसे माहौल में BNP सांसद का अवामी लीग के प्रति नरम रुख कई सवाल खड़े करता है.

दूसरी ओर, सरकार और BNP के कई नेताओं का रुख चौधरी की टिप्पणी से अलग बताया जा रहा है. हसीना की वापसी और अवामी लीग की राजनीतिक स्थिति को लेकर सरकार का रुख सख्त है.

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