हेमंत शर्मा, इंदौर। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद देशभर के प्रमुख मंदिरों में दान राशि की सुरक्षा और गिनती की व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। इसी कड़ी में इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में भी लंबे समय से बंद दान पेटियों को कड़ी सुरक्षा के बीच खोला गया है। करीब साढ़े तीन महीने बाद शुरू हुई चढ़ावे की गिनती में दो दिनों के भीतर ही 72 लाख रुपये से अधिक की नकद राशि सामने आ चुकी है।मंदिर प्रबंधन के मुताबिक दान पेटियों को खोलने से लेकर राशि की गिनती और बैंक में जमा कराने तक पूरी प्रक्रिया निगरानी में की जा रही है। इस दौरान कर्मचारियों की जांच, सीसीटीवी निगरानी और वीडियोग्राफी जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं।

40 से ज्यादा दान पेटियां, 25 से ज्यादा खुल चुकीं

खजराना गणेश मंदिर परिसर में 40 से अधिक दान पेटियां हैं। करीब साढ़े तीन महीने तक बंद रहने के बाद इन पेटियों को चरणबद्ध तरीके से खोला जा रहा है। अब तक 25 से अधिक दान पेटियां खोली जा चुकी हैं।इन पेटियों से निकली राशि की गिनती का काम लगातार जारी है। सिर्फ दो दिनों में करीब 72 लाख रुपये से अधिक की नकदी गिनी जा चुकी है। बाकी दान पेटियों की गिनती पूरी होने के बाद चढ़ावे की कुल राशि और बढ़ने की संभावना है।मंदिर प्रबंधन के अनुसार पूरी प्रक्रिया को पूरा करने में करीब 5 से 6 दिन का समय लग सकता है।

पांच गार्ड और चार CCTV कैमरों की निगरानी

इस बार दान पेटियों की गिनती के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर खास जोर दिया गया है। पेटियां खोलने से लेकर नोटों की गिनती और राशि को बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया तक निगरानी रखी जा रही है।मौके पर पांच सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। इसके अलावा चार सीसीटीवी कैमरों से पूरे परिसर और गिनती की प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है। गिनती में शामिल कर्मचारियों को जांच के बाद ही अंदर प्रवेश दिया जा रहा है।पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है, ताकि चढ़ावे की गिनती में पारदर्शिता बनी रहे और पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके।

बैंक, कोषालय और नगर निगम की टीम जुटी

चढ़ावे की गिनती के लिए अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है। बैंक, कोषालय और नगर निगम के कर्मचारियों समेत करीब 25 लोगों की टीम इस पूरी प्रक्रिया में जुटी है।दान पेटियों से निकलने वाली नकदी को गिनने के बाद उसका रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इसके बाद राशि को अधिकृत बैंक खाते में जमा कराया जा रहा है।यानी दान पेटी खुलने से लेकर बैंक में राशि जमा होने तक हर चरण को रिकॉर्ड और निगरानी के दायरे में रखा गया है।

नकदी के साथ चांदी और स्मार्ट वॉच भी मिली

खजराना गणेश मंदिर की दान पेटियों में भक्तों ने सिर्फ नकदी ही नहीं चढ़ाई है। गिनती के दौरान चांदी की गणेश प्रतिमा, करीब 10 ग्राम वजन के चांदी के सिक्के और स्मार्ट वॉच जैसी वस्तुएं भी मिली हैं।इसके अलावा करीब 10 साल पहले बंद हो चुके 1000 रुपये के पुराने नोट भी दान पेटियों से मिले हैं। इन वस्तुओं और पुराने नोटों को भी अलग से सुरक्षित रखा जा रहा है।

सुरक्षा के साथ पारदर्शिता पर भी जोर

मंदिर में चढ़ावे की रकम का बड़ा हिस्सा भक्तों की आस्था से जुड़ा होता है। ऐसे में दान पेटियों की गिनती के दौरान सुरक्षा के साथ-साथ पारदर्शिता भी अहम हो जाती है। यही वजह है कि इस बार पूरी प्रक्रिया को कई स्तरों की निगरानी में रखा गया है।मंदिर के मुख्य पुजारी अशोक भट्ट, मंदिर प्रबंधक और अन्य अधिकारी भी गिनती की प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में पेटियां खोली जा रही हैं और प्राप्त राशि का हिसाब दर्ज किया जा रहा है।

अभी और बढ़ सकता है चढ़ावे का आंकड़ा

खजराना गणेश मंदिर में दान पेटियों की गिनती अभी पूरी नहीं हुई है। 40 से अधिक पेटियों में से 25 से अधिक पेटियां खोली जा चुकी हैं और दो दिनों में ही 72 लाख रुपये से ज्यादा की राशि सामने आ चुकी है।ऐसे में बाकी पेटियों की गिनती पूरी होने के बाद चढ़ावे की कुल रकम कितनी पहुंचती है, इस पर सभी की नजर है। फिलहाल मंदिर प्रबंधन की टीम सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ गिनती की प्रक्रिया को पूरा करने में जुटी है।

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