Dharm Desk – भाई-बहन के पवित्र प्रेम और सुरक्षा के संकल्प का पर्व रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त, शुक्रवार को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस बार का रक्षाबंधन कई मायनों में बेहद खास है। पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुवह 9:08 बजे शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह 9:48 बजे तक रहेगी। सबसे राहत की बात यह है कि इस दिन भद्रा का कोई साया नहीं रहेगा, क्योंकि भद्रा सूर्योदय से पहले ही समाप्त होने वालीहै। अलग-अलग पंचांगों के अनुसार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 6:21 बजे से 9:48 बजे तक सबसे उत्तम और सर्वोत्तम समय है।

अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाना चाहते हैं, तो राखी बंधवाने से पहले ये 4 विशेष कार्य अवश्य करें…
- भगवान शिव का जलाभिषेक करें
रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके सबसे पहले भगवान शिव का ध्यान करें। शिवलिंग पर जल अर्पित करें। श्सावन मास शिवजी की पूजा के लिए अति पवित्र माना जाता है। इस दिन पूर्णिमा तिथि है, इस दिन शिव पूजन करने से भाई की आयु लंबी होती है और पूरे परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। - गणेश जी और माता लक्ष्मी का पूजन
शिव आराधना के बाद घर के मंदिर में भगवान गणेश और माता लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाएं। विघ्नहर्ता गणेश जी जीवन के सभी संकट दूर करते हैं। और मां लक्ष्मी समृद्धि प्रदान करती हैं। भाई-बहन मिलकर परिवार की उन्नति और आपसी प्रेम के लिए प्रार्थना करें। - माता-पिता और बुजुर्गों का आशीर्वाद लें
राखी बांधने की रस्म शुरू करने से पहले भाई और बहन दोनों को अपने माता-पिता व घर के बड़े-बुजुर्गों के चरण स्पर्श करके आर्शीवाद लेना चाहिए। बड़ों के आशीर्वाद से रिश्तों में मिठास बढ़ती है और परिवार की एकता मजबूत होती है। - अपनी क्षमता अनुसार अन्न दान करें
पूजा और राखी की रस्म से पूर्व किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन या अन्न (जैसे चावल, गेहूं, दाल आदि) का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। भाई-बहन साथ मिलकर यह दान करें। इससे रक्षाबंनध का पर्व केवल एक रस्म न रहकर परोपकार और पुण्य कर्म से भी जुड़ जाता है।
सुबह के शुभ समय का उठाएं लाभ
चूंकि भद्रा का साया सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो रहा है, इसलिए बहनों को राखी बांधने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा । सुबह 6:21 से 9:48 बजे के बीच इन चार धार्मिक कार्यों को संपन्न कर राखी बांधना परिवार के लिए अत्यंत मंगलकारी सिद्ध होगा।


