भुवनेश्वर: ओडिशा में इस समय मौसम का एक बेहद अनोखा और डरावना रूप देखने को मिल रहा है. राज्य के लोग एक साथ दो अलग-अलग तरह के मौसम की मार झेलने को मजबूर हैं. जहां दिन के समय सूरज की तपिश और भीषण लू से जनजीवन बेहाल हो रहा है, वहीं शाम होते ही कालबैसाखी के तूफान और आंधी-बारिश का तांडव शुरू हो जाता है. इस दोहरे संकट को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के 21 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है.

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिमी ओडिशा के जिलों में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है. सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, संबलपुर, अनुगुल, ढेंकानाल, बरगढ़, सोनेपुर, बौद्ध, कंधमाल, बलांगीर, कालाहांडी और नुआपड़ा जैसे क्षेत्रों में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया है. प्रशासन ने इन सभी इलाकों के लिए ‘हीटवेव अलर्ट’ जारी किया है.

ऑरेंज अलर्ट: मौसम विभाग ने क्योंझर और मयूरभंज जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जहां तूफान का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है.

येलो अलर्ट: तटीय और मध्य ओडिशा के अधिकांश जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है.

50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं: अनुमान जताया गया है कि इन क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ-साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.

एक तरफ जानलेवा गर्मी और दूसरी तरफ अचानक आने वाले चक्रवाती तूफान ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है. आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से बेहद सतर्क रहने की अपील की है. नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर के समय (जब धूप सबसे तेज होती है) बहुत जरूरी न होने पर बाहर न निकलें और शाम को तूफान शुरू होने की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शरण लें.