लुधियाना। पंजाब सरकार द्वारा राज्य को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘ड्रग सर्वे’ (ड्रग जनगणना) में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। लुधियाना के ईआरओ गिल ने 5 जून को जिला परिषद कॉम्प्लेक्स स्थित पंचायत भवन में आयोजित ट्रेनिंग और ड्यूटी से गायब रहने वाले 143 कर्मचारियों को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया है।

नोटिस जारी होने के बाद भी इन कर्मचारियों ने 8 जून तक अपनी ड्यूटी जॉइन नहीं की थी। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सभी संबंधित स्कूल प्रभारियों (प्रिंसिपलों) को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे इन सभी 143 कर्मचारियों को 10 जून (बुधवार) को अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित होने के लिए पाबंद करें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी लापरवाही बरती गई, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

खुद का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करें शिक्षक, मोबाइल बंद करने वालों पर नजर

इधर, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की तरफ से भी शिक्षकों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। डीईओ कार्यालय के मुताबिक, जारी की गई सूची उन शिक्षकों की है जिन्हें अब तक कोई चुनावी या अन्य विशेष ड्यूटी नहीं सौंपी गई है। ऐसे सभी शिक्षक अपने स्कूल के निर्वाचन क्षेत्र के अनुसार ड्रग सर्वे के लिए मंगलवार तक हर हाल में अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें। अधिकारियों के संज्ञान में यह बात भी आई है कि कुछ शिक्षक फील्ड में ड्यूटी जॉइन करने की कागजी या मौखिक सूचना तो दे देते हैं, लेकिन असल में काम पर नहीं जाते और बाद में अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लेते हैं। प्रशासन ने ऐसे मामलों पर पैनी नजर रखने को कहा है। हालांकि, शिक्षकों की सहूलियत के लिए एक राहत भी दी गई है कि यदि कोई शिक्षक अपने स्कूल के बजाय अपने घर के सबसे पास वाले निर्वाचन क्षेत्र में यह ड्यूटी करना चाहता है, तो उसे इसकी अनुमति होगी।

शिक्षक संगठन ने जताया विरोध

दूसरी ओर, इस सर्वे में शिक्षकों की ड्यूटियां लगाए जाने का विरोध भी शुरू हो गया है। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के नेता रुपिंदर पाल सिंह ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि शिक्षकों से उनकी मर्जी के खिलाफ जबरदस्ती गैर-शैक्षणिक ड्यूटियां करवाई जा रही हैं, जिसका संगठन पुरजोर विरोध करता है।