नूंह जिला नगर योजनाकार विभाग ने तावड़ू शहरी एवं नियंत्रित क्षेत्र के ढीढारा और झामूवास गांवों में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बड़ा अभियान चलाया। इस कार्रवाई के तहत नियमों को ताक पर रखकर विकसित की जा रही दो अनधिकृत कॉलोनियों के अवैध निर्माणों को बुलडोजर की मदद से ढहा दिया गया।

सोनू वर्मा, नूंह। जिला नगर योजनाकार (DTP) विभाग ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तावड़ू शहरी एवं नियंत्रित क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव ढीढारा और झामूवास में लगभग 4 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही दो अनधिकृत कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। डीटीपी विभाग की टीम ने प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में यह अभियान चलाया। विभाग के अनुसार दोनों कॉलोनियां बिना वैध अनुमति और नियमों के विपरीत विकसित की जा रही थीं। अभियान के दौरान निर्माणकर्ताओं द्वारा किए गए अवैध विकास कार्यों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद भू-माफियाओं में हड़कंप का माहौल देखा जा रहा है।

ढीढारा और झामूवास में बड़ी तोड़फोड़

पहली कार्रवाई गांव ढीढारा के राजस्व क्षेत्र में की गई, जहां करीब 2 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी को निशाना बनाया गया। यहां विभाग की टीम ने 5 डीपीसी (प्लिंथ स्तर के निर्माण) तथा चारदीवारी को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद टीम ने गांव झामूवास में करीब 2 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही दूसरी अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई की। यहां बनाई गई प्रीकास्ट बाउंड्री वॉल को जेसीबी मशीनों की मदद से तोड़ दिया गया। विभाग का कहना है कि इन कॉलोनियों के लिए किसी प्रकार की वैध स्वीकृति प्राप्त नहीं की गई थी, जिसके चलते विभाग को बल प्रयोग कर निर्माण कार्य रोकने पड़े।

बिना मंजूरी प्लॉट खरीदने से बचें नागरिक

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियंत्रित क्षेत्र और शहरी क्षेत्रों में बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी भूखंड या कॉलोनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें, ताकि भविष्य में आर्थिक नुकसान से बचा जा सके। डीटीपी विभाग की इस कार्रवाई को अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ बड़ा संदेश माना जा रहा है। विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी कर अवैध निर्माण करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी मुकदमे भी दर्ज करवाए जाएंगे।