डीयू (Delhi University) में स्नातक प्रवेश के पहले चरण की सीट आवंटन सूची जारी होने के बाद अब अभ्यर्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) है। हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्रों के आवेदन केवल छोटी-छोटी तकनीकी और दस्तावेज संबंधी गलतियों के कारण लंबित या निरस्त हो जाते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को सभी प्रमाणपत्र अपलोड करने से पहले उनकी पूरी तरह जांच कर लेनी चाहिए।

दस्तावेज अपलोड करते समय रखें विशेष सावधानी

दस्तावेज सत्यापन के दौरान सबसे आम गलती धुंधले, अधूरे या गलत दस्तावेज अपलोड करना है। कई छात्र मोबाइल से जल्दबाजी में फोटो लेकर अपलोड कर देते हैं, जिससे विवरण स्पष्ट नहीं दिखता। इसके अलावा दसवीं की अंकतालिका, आधार या अन्य प्रमाणपत्रों में नाम, जन्मतिथि या माता-पिता के नाम में अंतर होने पर भी सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

श्रेणी प्रमाणपत्र की वैधता जरूर जांचें

एससी, एसटी, ओबीसी-एनसीएल और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रारूप और वैध अवधि वाला प्रमाणपत्र ही अपलोड करना चाहिए। पुराना, अमान्य या गलत प्रारूप का प्रमाणपत्र अपलोड करने पर कॉलेज अतिरिक्त दस्तावेज मांग सकता है, जिससे प्रवेश प्रक्रिया में देरी हो सकती है।

CUET और CSAS की जानकारी का मिलान करें

अभ्यर्थियों को अपने CUET आवेदन और DU CSAS पोर्टल पर दर्ज सभी विवरणों का मिलान अवश्य कर लेना चाहिए। विषय, श्रेणी या व्यक्तिगत जानकारी में किसी भी प्रकार की असंगति मिलने पर कॉलेज स्पष्टीकरण मांग सकता है। साथ ही चरित्र प्रमाणपत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर और माइग्रेशन प्रमाणपत्र जैसे जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें।

प्रवेश डीन की सलाह

डीयू के प्रवेश डीन हनीत गांधी ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे प्रवेश पोर्टल पर नियमित अपडेट देखते रहें और कॉलेज की ओर से मिलने वाले प्रत्येक संदेश का समय पर जवाब दें। समय सीमा का पालन और दस्तावेजों की सावधानीपूर्वक जांच ही सुचारु प्रवेश प्रक्रिया की कुंजी है।

दस्तावेज सत्यापन में होने वाली 10 बड़ी गलतियां

  • धुंधले या अधूरे दस्तावेज अपलोड करना।
  • नाम, जन्मतिथि या अन्य विवरण में अंतर होना।
  • गलत श्रेणी का प्रमाणपत्र अपलोड करना।
  • पुराने या अमान्य OBC-NCL/EWS प्रमाणपत्र का उपयोग।
  • CUET और CSAS में अलग-अलग जानकारी भरना।
  • आवश्यक दस्तावेज समय पर तैयार न रखना।
  • गलत फाइल फॉर्मेट या निर्धारित आकार से अलग दस्तावेज अपलोड करना।
  • कॉलेज की ओर से मांगे गए स्पष्टीकरण का समय पर जवाब न देना।
  • निर्धारित समय सीमा में दस्तावेज सत्यापन पूरा न करना।
  • सत्यापन के बाद समय पर प्रवेश शुल्क जमा न करना।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m