Ajmer Central Jail News: राजस्थान के अजमेर स्थित हाई सिक्योरिटी सेंट्रल जेल में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि 12 जुलाई 2026 को जेलर दिव्या चौधरी और जेल प्रहरी सोनिया चौधरी ने जेल अधीक्षक की अनुमति और निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया के बिना दो महिला बंदियों को जेल से बाहर ले गईं। मामले का खुलासा होने के बाद सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

आजीवन कारावास की बंदी भी शामिल
आरोप के अनुसार, जिन दो महिला बंदियों को जेल से बाहर ले जाया गया, उनमें एक आजीवन कारावास की सजा काट रही है, जबकि दूसरी भी सजायाफ्ता बंदी है। दोनों को 12 जुलाई को दोपहर करीब तीन बजे जेल से बाहर ले जाया गया और कुछ घंटे बाद वापस जेल लाया गया।
घटना सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने प्रारंभिक विभागीय जांच कराई। जांच में जेलर दिव्या चौधरी और जेल प्रहरी सोनिया चौधरी के खिलाफ लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद जेल प्रशासन की शिकायत पर अजमेर के सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने जांच शुरू कर दी।
ड्यूटी पर तैनात प्रहरी ने किया था विरोध
सिविल लाइन थाना प्रभारी शंभू सिंह के अनुसार, ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरी महिपाल चौधरी ने दोनों महिला बंदियों को जेल से बाहर ले जाने का विरोध किया था। इसके बावजूद उन्हें बाहर ले जाया गया। महिपाल चौधरी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
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