दुर्ग। शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम एवं व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से निगम प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शनिवार को आयुक्त सुमित अग्रवाल के निर्देश पर अग्रसेन चौक एवं उसके आसपास सड़क एवं आवागमन क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित किए जा रहे ठेले- खोमचों को हटाने की कार्रवाई की गई।
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यह कार्रवाई अतिक्रमण अधिकारी परमेश्वर के नेतृत्व में निगम अमले एवं पुलिस बल की मौजूदगी में हुई। अभियान के दौरान सड़क किनारे एवं चौक क्षेत्र में यातायात बाधित कर रहे सभी ठेले- खोमचों को हटवाया गया, जिससे आवागमन सुचारू हो सके तथा नागरिकों को जाम एवं असुविधा से राहत मिल सके।

कार्रवाई के दौरान अतिक्रमण अधिकारी परमेश्वर ने संबंधित ठेला संचालकों एवं व्यापारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि सार्वजनिक सड़क, चौक एवं आवागमन क्षेत्र में दोबारा अवैध रूप से अतिक्रमण कर यातायात व्यवस्था बाधित न करें। यदि भविष्य में पुनः अतिक्रमण करते पाए गए तो निगम द्वारा सामान जब्त करने के साथ-साथ नियमानुसार जुर्माना एवं कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाना तथा नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध कराना है। निगम प्रशासन द्वारा प्रमुख चौक-चौराहों, बाजार क्षेत्रों एवं व्यस्त मार्गों पर नियमित निगरानी रखी जा रही है। शहर में अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निगम प्रशासन ने नागरिकों एवं व्यापारियों से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थलों एवं सड़क मार्गों पर अतिक्रमण न करें तथा शहर को व्यवस्थित, स्वच्छ और यातायात बाधा मुक्त बनाए रखने में सहयोग प्रदान करें।
दोस्त के नाम पर मोबाइल-टीवी फाइनेंस कराकर किस्त न चुकाने वाला आरोपी गिरफ्तार, एक साल बाद हुई कार्रवाई!
भिलाईनगर। सुपेला थाना पुलिस ने विभिन्न फाइनेंस कंपनियों और एक व्यक्ति के साथ लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर दूसरों के नाम पर आईफोन, एसी, एलईडी टीवी जैसे महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस करा लिया। शुरुआती कुछ किस्तें चुकाने के बाद भुगतान बंद कर दिया। रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर कार्रवाई की है।
ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि प्रार्थी ने पिछले साल 3 फरवरी को थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि केलाबाड़ी निवासी उसका परिचित शेखर देशमुख अपने साथी अनुराग देशमुख के साथ अंश मोबाइल, आकाशगंगा सुपेला पहुंचा था। वहां प्रार्थी के नाम पर बजाज फाइनेंस से एप्पल कंपनी का आईफोन फाइनेंस कराया और मोबाइल अपने साथ ले गया। इसके बाद आरोपी और उसके अन्य साथियों ने प्रार्थी के नाम का उपयोग कर विभिन्न फाइनेंस कंपनियों से मोबाइल, एसी, एलईडी टीवी एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदे।
शुरुआत में आरोपियों ने कुछ किस्तों की राशि प्रार्थी के बैंक खाते में जमा कराई। बाद में आरोपियों ने किस्त जमा करना बंद कर दिया। इसकी वजह से फाइनेंस कंपनियां कुल 1 लाख 73 हजार 513 रुपए की बकाया राशि का तकादा प्रार्थी से करन लगीं। साथ ही प्रार्थी के खाते से 16 हजार रुपये भी कट गए। प्रकरण में पुलिस ने धारा 318 ( 4 ) एवं 61 (2) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
जांच के दौरान शेखर देशमुख की संलिप्तता प्रमाणित होने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
लाइसेंसधारियों को आवास खाली करने बीएसपी प्रबंधन भेजा जा रहा नोटिस
भिलाईनगर। बीएसपी के नगर सेवाएं विभाग ने लाइसेंस में दिए गए आवासों का नवीनीकरण बंद कर दिया है। 5440 आवासों की लाइसेंस अवधि यानी 11 माह समाप्त होने के बाद उन्हें नोटिस भेजा जा रहा है। उन्हें नोटिस में कहा जा रहा है कि लाइसेंस की अवधि समाप्त हो चुकी है इसलिए बकाया भुगतान कर वे स्थानीय मेंटेनेंस आफिस को आवास जमा कर दें। इससे लाइसेंसधारियों में हड़कम्प मचा हुआ है।
बीएसपी ने करीब 7500 आवासों को 11 माह की अवधि के लिए लाइसेंस पर दिया था। हर 11 माह में लाइसेंस का नवीनीकरण कराना होता था। नगर सेवाएं विभाग ने लाइसेंस का नवीनीकरण करना बंद कर दिया है। जिन आवासों की लाइसेंस अवधि समाप्त हो गई उन आवासों की संख्या करीब 5440 है। इनमें से 2000 लोगों को नोटिस सर्व किया जा चुका है। इससे लाइसेंसधारियों में हड़कम्प मचा हुआ है।
रिटेंशनधारियों के बाद बीएसपी मैनेजमेंट ने लाइसेंसधारियों को बड़ा झटका दिया है। रिटेंशनधारियों के बाद अब लाइसेंसधारी भी एकजुट होने की कोशिश कर रहे हैं। इनमें बीएसपी के रिटायर्ड कर्मचारियों के साथ थर्ड पाटी भी हैं। पता चला है कि लाइसेंसधारी भी रिटेंशनधारियों की तरह आंदोलन करने के मूड में हैं। इनमें से एक बड़ी संख्या में लोग रिटेंशनधारियों के आंदोलन से जुड़ने के इच्छुक हैं और उनके सम्पर्क में हैं। यदि ऐसा होता है तो रिटेंशनधारियों का आंदोलन और मजूबत हो जाएगा।
रॉन्ग साइड आ रही बाइक ट्रेलर से टकराई, युवक की मौत
भिलाईनगर । दुर्ग- राजनांदगांव नेशनल हाइवे- 53 पर रविवार को आरोग्य हॉस्पिटल के सामने एक सड़क हादसा हो गया। रायपुर दुर्ग की ओर आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने विपरीत दिशा (रॉन्ग साइड) से आ रही बाइक को ठोकर मार दी। इस भीषण भिड़ंत में बाइक सवार राहुल चक्रधारी की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि ठोकर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सड़क पर काफी दूर तक घिसटती चली गई, इससे उसकी पेट्रोल टंकी फट गई और बाइक आग के गोले में तब्दील हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही डायल 112 के आरक्षक आशीष साहू तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए किसी तरह बाइक में लगी आग को बुझाया। हालांकि, तब तक बाइक पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी।
मृतक राहुल पाटन ब्लॉक के किकिरमेटा गांव का निवासी था, जो उतई के खोपली में रहकर फार्मेसी का काम करता था। परिजनों के अनुसार राहुल अपनी मां को सर्टिफिकेट दिलाने भिलाई के एक संस्थान छोड़ कर आया था और 5 मिनट में लौटने की बात कहकर निकला था। हादसे के बाद आरोपी ट्रेलर ड्राइवर वाहन छोड़कर फरार हो गया। मोहन नगर थाना पुलिस ने दुर्घटना में शामिल बाइक (सीजी 07 सीवी 3947) और ट्रेलर (जेएच 05 डीएस 0514 ) को जब्त कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर फरार ड्राइवर की तलाश कर रही है।
रोजगार देने करोड़ों खर्च कर बनी सैकड़ों दुकानें हो गईं जर्जर
राजनांदगांव। शहर में बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए नगरनिगम द्वारा बनाई गई दुकानों जर्जर हो गई हैं। करोड़ों रूपए फूंकने के बाद निगम को फूटी कौड़ी का राजस्व नही मिला, वही जरूरतमंद द्वारा आवेदन दिए जाने के बाद भी अब तक आबंटन नहीं किया गया है। शहर के ऐसे सवा सौ से अधिक दुकानों है, जिसका आबंटन अब तक नहीं हुआ है। करीब दस साल से भी अधिक समय बीत चुका है। जर्जर दुकानों को देख आम लोगों का गुस्सा भी फूटने लगा है।
हाईटेक बस स्टैंड सहित इन इलाको में जर्जर हो रही दुकाने द्वारा हाईटेक बस स्टैंड वार्ड सोलह में 38 दुकाने बनाई गई है। यहां पांच करोड़ की लागत से हाईटेक बस स्टैंड का निर्माण वर्ष 2016 में किया गया है। इसके आलावा रेल्वे स्टेशन रोड़ पुराना सफाई कार्यालय में 19 दुकाने, नया बस स्टैंड में ही दूसरी ओर प्रतीक्षा स्टैंड में 27 दुकान, टांकाघर के सामने वार्ड सुभाष नगर के पास 12 दुकान, गंज चौक 14 में 50 दुकान के पास 46 दुकान, बसंतपुर थाने के पीछे भैसा कोठा में 17 और महावीर चौक हाईवे किनारे 12 दुकाने बनी है। इसमें से अब तक कई दुकानों का आवंटन नहीं हुआ है। जिसके चलते ये दुकाने जर्जर होने की स्थिति में है। करोड़ों रूपए की लागत से बने नया बस स्टैंड मवेशियों का तबेला बन गया हैं।
दुकान बनने के बाद किसी काम की नहीं
नियमतः नीलामी के बाद निश्चित तिथि में अनुबंध करने की शर्त रहती है। अगर निर्धारित समय पर बोलीकर्ता अनुबंध नहीं करे तो अचल संपत्ति अंचरण नियम 1994 के तहत आबंटन निरस्त करने और अमानत राशि राजसात करने का प्रावधान है। लेकिन निगम जिस दुकानों को आबंटित कर चुकी है, उनसे किराए लेने सक्ती नहीं दिखा रही है। वही 122 दुकाने अब तक नीलाम नही की गई है। उस पर भी निगम गंभीर नहीं दिख रही है।
संस्कारधानी की यातायात व्यवस्था सुधारने आधा दर्जन इलाके में बनेगी पार्किंग
राजनांदगांव। शहर में यातायात दबाव को कम करने के लिए जिला प्रशासन और यातायात विभाग द्वारा शहर के आधा दर्जन इलाको का चयन किया गया है। जिसमें पार्किंग की सुविधा देने की प्लानिंग की गई है। शहर के मार्केट इलाको में वाहन के दबाव को कम करने अंदरूनी इलाको में ही पार्किंग की सुविधा रहेगी, जिससे लोगों को आसानी से मार्केट के कार्य के साथ पार्किंग की भी सुविधा मिलेगी।
हालांकि, पार्किंग के लिए विगत दिनों कुछ जगह का चिन्हांकन भी किया गया था। लेकिन विरोध के चलते अब तक यह दुरूस्त नही हो सका। जिसमें जयस्तंभ चौक में पसरा लगाने वाले लोगों को म्यूनिसिपल ग्राउंड में जगह देने का प्रयास किया गया था। लेकिन यह सफा नही हो सका।
अब जिला प्रशासन, नगरनिगम और यातायात विभाग द्वारा शहर के पुत्री शाला के खंडहर भवन व परिसर को पार्किंग बनाने व म्यूनिसिपल स्कूल जैसा ही स्टेट स्कूल व पुरानी गंज मंडी में पार्किंग सुविधा देने की प्लानिंग है। इसके आलावा शहर के गुड़ाखू लाइन, कामठी लाइन में पुराना स्टेट बैंक के पास पार्किंग के लिए जगह का चिन्हांकन किया गया है।
हालांकि, अब तक चिन्हांकित जगह पर पार्किंग जोन तैयार नही हुआ है। शहर के हाईवे में सर्विस लेन की जगह सकरी होने के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। यहां सबसे ज्यादा परेशानी सर्विस लेन किनारे निजी दुकानों में पार्किंग नहीं होने के कारण होती है।
निगम के कार्यपालन अभियंता यूके रामटेके का कहना है कि निजी दुकानदारों को अनुज्ञा लेने के दौरान पार्किंग की सुविधा देने की शर्त रहती है। लेकिन देखा गया है कि शहर के रायपुर नाका से लेकर भदौरिया चौक तक कई भी किसी भी दुकानदारों के पास पार्किंग की सुविधा नहीं हैं। शहर में लंबे समय से पार्किंग की स्थाई समाधान की मांग की जा रही है। पार्किंग की जगह नही होने के कारण कई बार चेंबर के सदस्य एकत्रित होकर जिला प्रशासन से गुहार भी लगा चुके है। उनका कहना है कि पार्किंग की जगह नही होने के कारण व्यापार प्रभावित होता है।
प्रतिबंधित क्षेत्र में लीज पर दिया चूना पत्थर खनन
खैरागढ़। जिले के ग्राम बल्देवपुर, कलकसा, टेकापार एवं दपका क्षेत्र में चूना पत्थर खनन लीज आवंटन को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आपत्ति जताते हुए कलेक्टर केसीजी को शिकायत पत्र सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन द्वारा आरक्षित एवं प्रतिबंधित घोषित क्षेत्र में खनन लीज प्रदान की गई है जिसकी निष्पक्ष जांच मामले के खुलासे के बाद आवश्यक हो गई है।
ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत शिकायत पत्र के अनुसार ग्राम बल्देवपुर एवं कलकसा क्षेत्र में अखिलेश तुरहटे को खसरा नंबर 241/2, 246/1,246/2 एवं 246/3 पर खनन लीज प्रदान किए जाने का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उक्त भूमि प्रतिबंधित क्षेत्र के अंतर्गत आती है इसलिए वहां लीज स्वीकृत किया जाना नियमों के अनुरूप नहीं है।
इसी प्रकार शिकायत में इंटरप्राइजेस के प्रोपराइटर भरत सँगटा का भी उल्लेख किया गया है। मामले में ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें खसरा नंबर 465, 462 / 1 एवं 524/1 पर खनन लीज प्रदान की गई है। संबंधित भूमि भी प्रतिबंधित क्षेत्र के दायरे शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि में आती है और इसकी वैधानिकता की जांच की जानी चाहिए।
शासन द्वारा प्रतिबंध नहीं हटाए जाने का दावा
ग्रामीणों का कहना है कि कलकसा, बल्देवपुर, टेकापार एवं दपका गांवों को उच्च श्रेणी के चूना पत्थर भंडार के कारण पूर्व में आरक्षित किया गया था। शिकायत में दावा किया गया है कि राज्य शासन द्वारा अब तक इन गांवों से प्रतिबंध हटाने संबंधी कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। इसके बावजूद खनन लीज स्वीकृत किए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
लीज निरस्त करने और जांच की मांग हुई तेज
शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर से मांग की है कि संबंधित खसरों, लीज स्वीकृति प्रक्रिया और भूमि की वास्तविक स्थिति की विस्तृत जांच कराई जाये यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लीज तत्काल निरस्त की जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच निष्पक्ष रूप से की जाए। पूरे मामले में ग्रामीणों ने शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, पर्यावरण विभाग तथा खनन संचालनालय को भी भेजी है। ऐसे में मामला अब स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर राज्य स्तरीय जांच और प्रशासनिक समीक्षा का विषय बन गया है।
सौ बिस्तर अस्पताल में 9 साल से फायर सिस्टम की टेस्टिंग नहीं
राजनांदगांव। बसंतपुर में बनाए गए सौ बिस्तर अस्पताल भगवान भरोसे संचालित हो रही हैं। क्योकि वर्ष 2018 में भवन बनने के बाद फायर सिस्टम की टेस्टिंग तक नहीं हो पाई है। जिसके चलते पूरा सिस्टम ही एक्सपायर हो गया है। पिछले नौ साल से इस बड़ी लापरवाही को सुधारा नहीं गया हैं। जिसके चलते बड़ी घटना होने पर आगजनी से निपटने कोई इंतजाम नही है।
मिली जानकारी अनुसार वर्ष 2018 में सौ बिस्तर अस्पताल का निर्माण किया गया था। भवन बनने के बाद फायर सेफ्टी सिस्टम भी लग चुका था। जिसकी टेस्टिंग मात्र नही होने से यह सिस्टम पिछले नौ साल से बंद पड़ा हुआ है। जिसे लेकर सवाल उठने लगे है। अस्पताल प्रबंधन की माने तो सिस्टम की टेस्टिंग नहीं होने के कारण इसे दुबारा से दुरूस्त करना पड़ेगा।
सूत्रों ने बताया कि, इस पूरे मामले में ठेकेदार की भी लापरवाही सामने आ रही है। सिस्टम लगने के बाद आखिर टेस्टिंग क्यो नही किया गया इसे लेकर सवाल उठने लगे है। सौ बिस्तर अस्पताल में रोजाना सैकड़ों गर्भवती महिलाएं व उनके परिजन पहुंचते हैं। अगर यहां ऐसी कोई घटना घट जाए तो इससे निपटने का कोई बेहतर इंतजाम ही नही है।
आटोमैटिक सिस्टम लगा, लेकिन काम का नहीं
जिला अस्पताल प्रबंधन की माने तो सौ बिस्तर अस्पताल में फायर सिस्टम लगाया गया है। यह सिस्टम आटोमैटिक है, आगजनी होने पर तापमान बढ़ जाता है। एक निश्चित रेसियों से अधिक तापमान बढ़ने पर सिस्टम खुद ही एक्टिव हो जाता है और इससे आगजनी पर काबू पाई जा सकती है। लेकिन इसके लगने के नौ साल बाद भी टेस्टिंग नही करना आम मरीजों के जान से खिलवाड़ है।
अस्पताल में पुराना सिस्टम जिला अस्पताल में पुराना फायर सिस्टम लगाया गया है। पड़ताल में पाया कि भवन में बुलेट फायर सिस्टम लगाया गया है। आगजनी होने पर इसे सिस्टम को खोलने के बाद आग बुझाई जा सकती हैं। यह सिस्टम पुराना है। हांलाकि यहां सभी वार्डो में फायर सिस्टम लगाया गया है।
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