भिलाईनगर। बीएसपी के अनफिट आवास में रहने वाले लीजधारियों को अब तीन माह के अंदर हर हालत में आवास खाली करना होगा। उन्हें 3 माह के अंदर फिट आवास आवंटित कराने की मोहलत मिलेगी। अन्यथा तीन माह बाद उनके लीज निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी। इस चेतावनी से लीजधारियों में हड़कम्प मच गया है।
बीएसपी के नगर सेवाएं विभाग ने टाउनशिप के अनफिट घोषित आवासों में रहने वाले लीजधारियों के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी कर दी है। नगर सेवाएं विभाग ने पहली बार इतनी कड़ी चेतावनी सार्वजनिक रूप से जारी की है। अब उनके पास केवल दो ही विकल्प हैं- पहला, अपने अनफिट आवास के बदले फिट आवास आवंटित करा लें। दूसरा, आवास खाली नहीं करने पर लीज निरस्तीकरण की कार्यवाही के लिए तैयार रहें।

असल में अनफिट घोषित आवासों की हालत बहुत जर्जर हो गई है। बारिश के चलते ऐसे आवासों में हादसे का अंदेशा बढ़ गया है। सेक्टर-6 और सेक्टर-7 के टू बी टाइप आवास बेहद खस्ता हाल में हैं। ऐसे सभी ब्लाक को डिस्मेंटल करना है। लेकिन इनमें 1-2 लीजधारियों के चलते इन्हें डिस्मेंटल नहीं किया जा सक रहा है। बीएसपी के नगर सेवाएं विभाग पर जर्जर आवासों को डिस्मेंटल करने का दबाव बढ़ गया है।
तो खुद लीजधारी ही जिम्मेदार होंगे : बीएसपी के नगर सेवाएं विभाग ने चेतावनी में यह भी कहा है कि इतने ज्यादा विकल्प प्रदान करने के बाद भी यदि वे अनफिट लीज आवासों को खाली नहीं करते हैं तो ऐसे आवासों में होने वाली किसी भी अप्रिय घटना के लिए वे खुद जिम्मेदार होंगे।
क्यों दी गई है कड़ी चेतावनी ? : सेल कर्मचारी आवास लीज योजना के अंतर्गत दीर्घकालीन पट्टे पर आवंटित कुछ आवासों को प्रबंधन अनफिट घोषित कर चुका है। प्रबंधन द्वारा अनफिट आवास के बदले फिट आवास आवंटित करने बार बार रिक्त आवासों की सूची जारी की गई। बावजूद अब तक कई अनफिट आवासों के लीजधारियों ने फिट आवास आवंटित नहीं कराया। यही वजह है कि कड़ी चेतावनी जारी करनी पड़ी।
9 म्यूल बैंक खाताधारक गिरफ्तार
भिलाईनगर। साइबर ठगी की रकम खपाने वाले 09 म्यूल बैंक खाताधारक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसमें 5 लाख से अधिक के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है। उनके कब्जे से बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन एवं अन्य संबंधित दस्तावेज जब्त किया गया है।
ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार साइबर अपराधों में प्रयुक्त म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना सुपेला के अपराध एवं थाना भिलाई भट्ठी के अपराध में धारा 318 ( 2 ), 318 (3),318 (4) बीएनएस में कुल 09 आरोपियों अमन कुमार राय ( 25 वर्ष) निवासी चन्द्र नगर, उमरपोटी, डोमेन्द्र कुमार सिन्हा (38 वर्ष) निवासी पांच रास्ता चिंगरी पारा सुपेला, दिनेश कुमार देशमुख (22 वर्ष) निवासी धनोरा, नितिश सिंह राजपूत (28 वर्ष) निवासी पद्मनाभपुर, विक्रम देशलहरे (33 वर्ष) निवासी घुघसीडीह उतई, भीष्म ध्रुव (24 वर्ष) निवासी सेक्टर- 10, के. सुनीता राव निवासी श्रीराम चौक खुर्सीपार, स्मीता मसीह निवासी प्रगति नगर रिसाली व गुनगुन देवांगन निवासी वैशाली नगर के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
सोने की जांच ने बढ़ाई सराफा कारोबारियों की चिंता
भिलाईनगर। स्वर्ण की शुद्धता, एचयूआईडी हॉलमार्क की विश्वसनीयता और उपभोक्ता हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने गुरुवार को प्रदेशव्यापी ज्ञापन अभियान चलाया। इसी कड़ी में दुर्ग जिले के सराफा कारोबारियों ने एकजुट होकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर अभिजीत सिंह को प्रधानमंत्री कार्यालय के नाम ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने स्वर्ण जांच व्यवस्था में पारदर्शिता और सभी ज्वेलरी प्रतिष्ठानों के लिए समान नियम लागू करने की 22 कैरेट मांग उठाई।
एसोसिएशन के अनुसार 14 अगस्त को बिलासपुर के एक ब्रांडेड ज्वेलरी शोरूम में एचयूआईडी आभूषण की जांच में पहले उसे 20 कैरेट बताया गया, जबकि पुनः जांच में 916 यानी 22 कैरेट पाया गया। एसोसिएशन ने इसे केवल एक प्रतिष्ठान का मामला न मानते हुए स्वर्ण की जांच प्रक्रिया और गोल्ड टेस्टिंग की तकनीकी विश्वसनीयता से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
ज्ञापन में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष गोल्ड टेस्टिंग व्यवस्था, एचयूआईडी- हॉलमार्क और टेस्टिंग मशीनों की नियमित निगरानी व कैलिब्रेशन, भ्रामक विज्ञापनों पर रोक, सोने के भाव में पारदर्शिता तथा सभी ज्वेलरी प्रतिष्ठानों के लिए सरल और समान बिलिंग व्यवस्था की मांग की गई।
इसके अलावा पुश्तैनी सराफा कारोबारियों और पारंपरिक स्वर्ण कारीगरों के संरक्षण के लिए भारतीय स्वर्ण कला बोर्ड अथवा स्वर्णकार कल्याण बोर्ड के गठन की मांग भी रखी गई। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि अभियान किसी व्यक्ति या ब्रांड के विरोध में नहीं, बल्कि निष्पक्ष व्यापार, उपभोक्ता हित और स्वर्ण की शुद्धता में पारदर्शिता के लिए है।
कार्यकारी अध्यक्ष दुर्ग संभाग उत्तमचंद भंडारी ने कहा कि वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत की भावना तभी मजबूत होगी, जब स्थानीय सराफा व्यापारी और पारंपरिक स्वर्ण कारीगर भी सुरक्षित और मजबूत होंगे।
तीन घरों के बरामदे में रखे 5 सिलेंडरों की हुई चोरी
दुर्ग। अलग-अलग घर के बरामदे में गैस सिलेंडर की अज्ञात आरोपियों ने चोरी कर ली। तीनों ही प्रार्थी की शिकायत पर पद्मनाभपुर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 305 ए, 331 (3) के तहत अपराध दर्ज कर जांच में लिया है।
पुलिस ने बताया कि प्रार्थी सुरेंद्र दास एल आई जी 175 बोरसी एक्सटेंशन निवासी है। वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। 18 अगस्त को वह अपने घर के बरामदे में एक नग खाली सिलेंडर एचपी कंपनी का रखा था। दोपहर को 2 बजे उसे सिलेंडर को कोई अज्ञात आरोपी चोरी कर लिया। प्रार्थी आरिफ मोहम्मद निवासी केलाबाड़ी ने शिकायत दर्ज कराई है कि 16 अगस्त को अपने घर के बरामदे में दो नग खाली सिलेंडर एचपी कंपनी का रखा हुआ था।
दोपहर में दोनों सिलेंडर को अज्ञात आरोपी बरामदे में घुसकर चोरी कर ले गया। दोनों सिलेंडर के नीचे भाग में एमडी लिखा हुआ है, जिसे वह पहचान लेगा। आसपास पता तलाश करने पर जब सिलेंडर नहीं मिला तब प्रार्थी ने थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है।
इसी तरह जोन दो सड़क नंबर 6 न्यू आदर्श नगर निवासी नेम सिंह साहू ने शिकायत दर्ज कराई है कि वह शिक्षा विभाग मे कार्यरत है। 17 अगस्त को उसने अपने घर के बरामदे में एक नग खाली सिलेंडर एचपी कंपनी का एवं एक नग खाली सिलेंडर इंडियन कंपनी का रखा हुआ था। दोपहर में अज्ञात आरोपी ने दोनों सिलेंडर की चोरी कर ली। सभी मामले में पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
कांग्रेस नेत्री की एफआईआर निरस्त करने की याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज
दुर्ग। उतई थाना क्षेत्र में जमीन, मशीनरी और क्रशर प्लांट से जुड़े विवाद में नगर निगम पार्षद रीता सिंह उसके पति एवं पुत्र के खिलाफ 4.39 करोड़ रुपए के जमीन धोखाधड़ी वाले मामले को लेकर दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग वाली याचिका छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायाधीश रविंद्र कुमार अग्रवाल की पीठ ने आदेश में कहा है कि एफआईआर में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध की ओर संकेत करते हैं। ऐसे में जांच को शुरुआती स्तर पर रोकना उचित नहीं है।
उतई थाने मे रीता सिंह, रमेश चंद सिंह राजपूत और मानवचंद सिंह राजपूत के खिलाफ प्रार्थी बीबी सिंह की शिकायत पर एफआई आर दर्ज की गई थी । भिलाई निवासी रीता सिंह, रमेशचंद सिंह राजपूत और मानवचंद सिंह राजपूत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर के साथ ही पाटन जेएमएफसी के 31 जुलाई 2026 के उस आदेश को रद्द करने की मांग की थी, जिसके आधार पर उन लोगों पर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।
विवाद मूल रूप से दीवानी प्रकृति का है और संबंधित दीवानी वाद भी लंबित है। यह तर्क देने पर हाईकोर्ट ने कहा कि किसी लेन-देन से दीवानी और आपराधिक दोनों दायित्व उत्पन्न हो सकते हैं। केवल दीवानी मुकदमा लंबित होने से आपराधिक जांच समाप्त नहीं की जा सकती। पीठ ने एफआईआर रद्द करने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।
शिकायत के बाद से फरार है आरोपीगण : प्रार्थी बीबी सिंह के अधिवक्ता एमएम बेग ने बताया कि प्रार्थी द्वारा शिकायत किए जाने के बाद उतई पुलिस ने अपराध दर्ज किया था। जानकारी मिलने के बाद से ही आरोपी गण रीता सिंह, उसका पति रमेश चंद एवं पुत्र मानव चंद फरार हो गए थे। फरार आरोपियों को अब तक उतई पुलिस ढूंढ नहीं पाई है।
सोमनी सरपंच विरुद्ध 16-0 से अविश्वास प्रस्ताव पारित
राजनांदगांव। जनपद पंचायत राजनांदगांव के अंतर्गत ग्राम पंचायत सोमनी की सरपंच नीलिमा साहू के विरुद्ध आज आयोजित अविश्वास प्रस्ताव में 16-0 से प्रस्ताव पारित हो गया। अविश्वास प्रस्ताव को लेकर ग्राम पंचायत भवन एवं आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
सहायक आंतरिक लेखा परीक्षण एवं करारोपण अधिकारी मुकेश बंछोर ने बताया कि छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम, 1993 की धारा 21 (4) के तहत ग्राम पंचायत सोमनी के सरपंच के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव हेतु सम्मेलन आज 20 अगस्त 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे ग्राम पंचायत भवन सोमनी में आयोजित किया गया । सम्मेलन में उपसरपंच श्री विजय सिंह राजपूत सहित कुल 16 पंचों / सदस्यों ने मतदान में भाग लिया। सरपंच सहित चार पंचों ने मतदान – में हिस्सा नहीं लिया।
जानकारी के अनुसार, सरपंच सहित दो पंच पंचायत परिसर में पहुंचे थे, लेकिन बाद में वहां से चले गए और मतदान नहीं किया। मतदान के दौरान अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में कुल 16 मत प्राप्त हुए, जबकि सरपंच के पक्ष में एक भी मत नहीं पड़ा। इस प्रकार अविश्वास प्रस्ताव 16-0 के स्पष्ट बहुमत से पारित हो गया।
बताया गया कि विजय सिंह राजपूत के नेतृत्व में पंचों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। मतदान से पहले पंचों को अपने पक्ष में करने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जाने की चर्चा रही, लेकिन मतदान के दौरान प्रस्ताव के पक्ष में एकजुटता दिखाई दी।
प्रस्ताव पारित होने के बाद पंचायत पदाधिकारियों एवं पंचों ने क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने और पंचायत के कार्यों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने की बात कही। अविश्वास प्रस्ताव के मद्देनजर पंचायत भवन के साथ-साथ आसपास के चौक-चौराहों पर भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम गए थे।
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए डीएसपी, सोमनी थाना प्रभारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद ग्राम पंचायत सोमनी में अब आगामी प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
नाबालिग को देह व्यापार में धकेलने वाले दोषियों को उम्रकैद
राजनांदगांव। नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने, देह व्यापार में धकेलने, खरीद-फरोख्त और सामूहिक दुष्कर्म के गंभीर मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पाक्सो) ने पांच दोषियों को कड़ी सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार बारा ने 19 अगस्त को फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी साधना उर्फ संध्या वैष्णव और मुस्कान गोस्वामी सहित चेतन नवरंगे, तोरण सोनकर और धनंजय धृतलहरे को दोषी ठहराया।
अदालत ने दुष्कर्म की धाराओं में दोषियों को शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामला फरवरी 2024 का है। छुरिया थाना क्षेत्र निवासी नाबालिग के पिता ने बेटी के अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला- फुसलाकर ले जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। साइबर सेल की तकनीकी मदद से पुलिस ने 27 फरवरी 2024 को नाबालिग को रायगढ़ से साधना उर्फ संध्या वैष्णव के कब्जे से बरामद किया। पूछताछ में सामने आया कि नाबालिग को रायपुर ले जाकर कई दिनों तक बंधक जैसे हालात में रखा गया और पैसे लेकर अलग-अलग लोगों के पास भेजा गया।
अभियोजन के अनुसार आरोपियों ने नाबालिग को काम दिलाने के नाम पर दबाव बनाया। इसके बाद अलग-अलग युवकों को उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध करवाए गए। आरोपियों द्वारा इस कृत्य के बुलाकर बदले पैसे लेने की बात भी सामने आई। बाद में नाबालिग को रायगढ़ के बाजिपाल ले जाया गया, जहां भी उसे कई लोगों के हवाले किया गया।
अदालत ने साधना वैष्णव और मुस्कान गोस्वामी को मानव तस्करी, नाबालिग के अपहरण, यौन अपराध और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में कठोर दंड दिया। चेतन नवरंगे, तोरण सोनकर और धनंजय धृतलहरे को भी अपहरण व दुष्कर्म सहित पॉक्सो एक्ट की धाराओं में उम्रकैद और अर्थदंड से दंडित किया गया।
अदालत ने टिप्पणी की कि यौन हिंसा से पीड़िता को केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि जीवनभर रहने वाली मानसिक पीड़ा भी होती है। ऐसे गंभीर अपराधों में आरोपियों के प्रति अनावश्यक सहानुभूति या उदारता उचित नहीं है। मामले में राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रिया कंवरिया ने पैरवी की। एक अन्य आरोपी गोपीराम को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया गया।
शिवनाथ कॉलेज में सीट की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग
राजनांदगांव। शासकीय शिवनाथ महाविद्यालय भर्ती को लेकर एनएसयूआई ने फर्जी एडमिशन का आरोप लगाया है। एनएसयूआई छात्रों ने प्राचार्य को सभी संकायों के सीट को सार्वजनिक करने की मांग की है।
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अमर झा ने बताया कि, शासकीय शिवनाथ महाविद्यालय में एडमिशन प्रक्रिया में भारी मात्रा में गड़बड़ी हुई है। न तो एडमिशन प्रक्रिया का नियमानुसार पालन किया गया है। एडमिशन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखी गई हैं। अपने चहेतों छात्रों को एडमिशन दिया जा रहा है।
एनएसयूआई प्रदेश महासचिव राजा यादव ने कहा कि लगातार एनएसयूआई कि मांग पर महाविद्यालय में यूजी कि सभी संकाय में 20-20 सीटें कि वृद्धि हुए है। लेकिन महाविद्यालय प्रशासन ने अब तक सीट वृद्धि कि जानकारी सर्वाजनिक नहीं की है। एडमिशन कि विधिवत प्रक्रिया भी नहीं अपनाई। कम अंक मिलने वाले छात्रों को एडमिशन लिया जा रहा है। ऐसा कौन सा कारण रहा है कि, सीट वृद्धि होने के बाद जानकारी नहीं दी।
एनएसयूआई माँग भी महाविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को करती है कि बिना मेरिट सूची जारी के महाविद्यालय प्रशासन एडमिशन न दे। इस दौरान एनएसयूआई प्रदेश महासचिव राजा यादव, जिला अध्यक्ष अमर झा, मोहित देवांगन, रोहित साहू, संजय सिन्हा, आयुष द्विवेदी, विवेक स्वेता, केशव वर्मा, संजु वर्मा, दीपक आदि मौजूद रहे।
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