दुर्ग। जिला अस्पताल दुर्ग में भर्ती सिकलिन पीड़ित 22 वर्षीय युवती दीपिका गाड़ा के इलाज के दौरान हुई मौत के मामले में सिविल सर्जन सहित 9 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। इनमें 3 डॉक्टर, 3 नर्स तथा 2 लैब टेक्नीशियन शामिल है।

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दरअसल, दीपिका की मौत को लेकर कलेक्टर अभिजीत सिंह 2 सदस्यीय टीम गठित की थी। जांच टीम में अपर कलेक्टर योगिता देवांगन तथा सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी शामिल किए गए। जांच टीम के दोनों सदस्य चिकित्सक, स्टाफ नर्स तथा कर्मचारियों के बारी-बारी से बयान लिए। इसके अलावा मृतिका के परिजनों के भी बयान दर्ज किए। सभी के बयान पूरा होने के बाद जांच प्रतिवेदन तैयार किया गया और रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई। जांच प्रतिवेदन के आधार पर ही नोटिस जारी किया गया है। इन्हें दो दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने कहा गया है।

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परिजनों ने दीपिका की मौत के लिए जिला अस्पताल दुर्ग के चिकित्सकों तथा स्टाफ नर्स की लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में दीपिका को ब्लड चढ़ाया जाना था, इसके उलट परिजनों को ही ब्लड का इंतजाम करने कहा गया। ब्लड का इंतजाम करने में कोई देरी की वजह से दीपिका की मौत हो गई। यही वजह है कि ब्लड बैंक के 2 टेक्नीशियन को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, जिन तीन चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है उनमें डॉ. शमी, डॉ. तृप्ति तथा डॉ. निखिल अग्रवाल शामिल है। दीपिका के भर्ती के समय कैजुवल्टी में मौजूद नर्स पर लापरवाही बरतने आरोप लगा था। इस वजह से 3 नर्स से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। पूरे मामले में ठीक ढंग से व्यवस्था नहीं किए जाने को लेकर सिविल सर्जन डॉ. आशीषन को भी नोटिस थमाया गया है।

नई शाला में ज्वाइनिंग नहीं देने से 4 सहायक शिक्षक पदच्युत

भिलाईनगर। युक्तियुक्तकरण से प्रभावित 4 सहायक शिक्षक एलबी को नए पदांकित शालाओं में ज्वाइनिंग नहीं करने पर जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने कड़ी कार्रवाई की है। उन्हें तत्काल प्रभाव से पदच्युत कर दिया गया है। इसके पहले उन्हें निलंबित किया गया था।

दरअसल लोक शिक्षण संचालनालय छ.ग. द्वारा युक्तियुक्तकरण के पश्चात नए पदांकित शालाओं में ज्वाइनिंग नहीं करने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए थे। इस निर्देश के परिपालन में चार सहायक शिक्षकों पर गाज गिरी है। इन सहायक शिक्षकों में नारायण दास जोशी, जानेश्वर कुमार ठाकुर, प्रदीप देशमुख तथा लक्ष्मी नारायण चंद्राकर शामिल है। बताया जा रहा है कि इन्हें नई पदांकित शाला में ज्वाइनिंग के लिए 5 बार अवसर प्रदान किया गया था। बावजूद इन्होंने ज्वाइनिंग नहीं दी। लिहाजा इन पर कार्रवाई की गई।

युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से जिले के बड़ी संख्या शिक्षक प्रभावित हुए। अधिकाश शिक्षक कोर्ट का शरण लिए। इसके चलते जिला, संभाग तथा राज्य स्तर पर ऐसे प्रकरणों की सुनवाई हुई। इस सुनवाई में कई शिक्षकों के प्रकरण को मान्य किया गया। इसी आस में चार सहायक शिक्षक भी अपने स्तर पर प्रयासरत रहे कि उनका भी प्रकरण मान्य हो । मगर दांव उल्टा पड़ गया। उनसे नौकरी छीनने की नौबत आ गई।

जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग ने संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय, इन्द्रावती भवन, नवा रायपुर, अटल नगर (छ.ग.) के पत्र क्रमांक/ युक्ति./ 2026/ 139 नवा रायपुर, दिनांक 28.05.2026 के द्वारा प्राप्त निर्देश के परिपालन में छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-10 के उपनियम (नौ) के तहत इन सभी 4 सहायक शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से पदच्युत (डिसमिसल) किए जाने का आदेश जारी किया है।

पॉलीटेक्निक कॉलेजों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग 11 से

दुर्ग। प्रदेश के तकनीकी शिक्षा संचालनालय (डीटीई) द्वारा प्रदेश के सभी शासकीय एवं निजी पॉलीटेक्निक कॉलेजों के डिप्लोमा पाठ्यक्रमों (इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, सीडीडीएम/ आईडी, एमओएम / एचएमसीटी और लैटरल एंट्री) में प्रवेश के लिए राज्य- स्तरीय ऑनलाइन काउंसलिंग का शेड्यूल जारी कर दिया गया है।

जारी शेड्यूल के अनुसार, प्रथम चरण की ऑनलाइन काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन 11 जून (पूर्वान्ह 10 बजे ) से 15 जून (रात्रि 11.59 बजे तक होगा। इसके ठीक बाद 16 जून को मेरिट सूची जारी होगी, जिस पर 17 जून तक दावा-आपत्ति की जा सकेगी। दावा-आपत्ति के निराकरण के पश्चात प्रथम चरण का सीट आवंटन 19 जून को किया जाएगा, जिसके तहत चयनित छात्रों को 20 से 24 जून के बीच आवंटित संस्था में उपस्थित होकर प्रवेश लेना होगा।

यदि प्रथम चरण के बाद सीटें रिक्त रह जाती हैं. तो द्वितीय चरण की काउंसलिंग 26 से 30 जून तक चलेगी, जिसका आबंटन 3 जुलाई और प्रवेश प्रक्रिया 4 से 9 जुलाई तक पूरी की जाएगी। इसके बाद भी सीटें खाली रहने की स्थिति में 11 से 16 जुलाई तक संस्था स्तर ( कॉलेज लेवल) की काउंसलिंग के लिए ऑनलाइन पंजीयन खोला जाएगा। इसके तहत छात्रों को 18 जुलाई को पूर्वान्ह 10.00 बजे संबंधित कॉलेज में दस्तावेज सत्यापन और आबंटन हेतु उपस्थित होना अनिवार्य होगा, जिसके पश्चात संस्था द्वारा आबंटित सीटों पर प्रवेश की कार्यवाही इसी दिन दोपहर 1 बजे से शुरू कर दी जाएगी ।

काउंसलिंग से जुड़ी इस पूरी प्रवेश प्रक्रिया के दौरान छात्रों की सुविधा के लिए रविवार और शासकीय अवकाश के दिनों में भी सभी सुविधा केंद्र और संबंधित कॉलेज खुले रहेंगे। इस संबंध में विस्तृत जानकारी व नियमों के लिए अभ्यर्थी विभागीय काउंसलिंग पोर्टल अवलोकन कर सकते हैं। किसी भी समस्या के समाधान के लिए अभ्यर्थी संचालनालय के हेल्पलाइन नंबर 0771-2221376 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

25 ग्रामों की भूमि पर लेनदेन प्रतिबंध सूची में संशोधन

दुर्ग। जिले में प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ( डंकुनी – सूरत) परियोजना के निर्माण हेतु तहसील दुर्ग एवं पाटन के ग्रामों की भूमि पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध संबंधी आदेश में संशोधन किया गया है।

कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार पूर्व में जारी आदेश की कंडिका-4 में उल्लेखित ग्रामों के स्थान पर संशोधित ग्रामों की सूची प्रभावशील होगी। संशोधित आदेश के तहत दुर्ग तहसील के ग्राम बिरेझर, चंगोरी, कोनारी, चंदखुरी, हनोदा, खम्हरिया, उमरपोटी, उतई एवं डुमरडीह, पाटन तहसील के ग्राम परेवाडीह, पहडोर, औंधी, मगरघटा, बेन्द्री, नारधी, महकाकला, महकाखुर्द, कुरूदडीह एवं बटंग तथा भिलाई-3 तहसील के ग्राम सिरसाकला, परसदा (पाहंदा), सोमनी, गनियारी, देवबलोदा एवं उरला सहित कुल 25 ग्रामों को आदेश में शामिल किया गया है।

इन ग्रामों की निजी भूमि के खाता विभाजन, अंतरण, व्यपवर्तन, खरीदी- बिक्री पर तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक अस्थायी प्रतिबंध लागू रहेगा। प्रशासन द्वारा प्रभावित ग्रामीणों के हितों की रक्षा तथा परियोजना के पारदर्शी एवं सुचारू क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है। आदेश की अन्य सभी शर्तें पूर्ववत प्रभावी रहेंगी।

सेक्टर-9 अस्पताल के भविष्य को लेकर सीटू ने कलेक्टर से जताई चिंता

भिलाईनगर। सेक्टर-9 स्थित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र के भविष्य को लेकर लगातार सामने आ रही खबरों और चर्चाओं के बीच सीटू के प्रतिनिधिमंडल ने दुर्ग कलेक्टर से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अस्पताल से जुड़े लाखों हितधारकों के मन में भविष्य को लेकर गंभीर आशंकाएं उत्पन्न हो रही हैं, जिन्हें दूर करना आवश्यक है।

प्रक्रिया पर सवाल

प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को अवगत कराया कि पिछले वर्ष प्रबंधन द्वारा डेलॉयट नामक परामर्शदाता संस्था से अस्पताल का अध्ययन कराया गया था, किंतु उसका रिपोर्ट गुप्त रखा गया है। इसके बाद अस्पताल संचालन के लिए इच्छुक संस्थाओं से रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) आमंत्रित की गई। आठ संस्थाओं द्वारा रुचि दिखाई गई तथा दो संस्थाओं ने अस्पताल का दौरा भी किया, किंतु इन प्रक्रियाओं के निष्कर्षों और वतर्मान स्थिति के संबंध में अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। सीटू ने हितधारकों के हितों का ध्यान रखने की मांग की है।

दुर्ग निगम पार्षद पार्वती महानंद को कारण बताओ नोटिस जारी

दुर्ग। दुर्ग संभाग के आयुक्त एस. एन. राठौर ने छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा-19 (1) (अ-1) के तहत नगर पालिक निगम रिसाली के वार्ड क्रमांक 38 (स्टोर पारा, पुरैना) की वर्तमान पार्षद कुमारी पार्वती महानंद को नोटिस जारी कर आगामी 25 जून तक अपना जवाब प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर दिया है।

ज्ञात हो कि वर्ष 2021 के नगरीय निकाय चुनाव में कुमारी पार्वती महानंद ने रिसाली निगम के वार्ड 38 (आरक्षित सीट) से स्वयं को गांडा जाति अनुसूचित जाति का बताकर चुनाव लड़ा था और विजयी हुई थीं। इसके बाद, रिसाली भिलाई निवासी राहुल वर्मा आत्मज बिसेन्द्र कुमार वर्मा ने उनके जाति प्रमाण पत्र पर आपत्ति जताते हुए तहसीलदार कार्यालय कोमाखान ( जिला – महासमुंद) में शिकायत दर्ज कराई थी।

आवेदक की शिकायत पर हुई उच्च स्तरीय जांच के बाद, जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति ने बीती 7 मई को अपनी रिपोर्ट सौंपी। समिति ने पाया कि पार्षद पार्वती महानंद का जाति प्रमाण पत्र पूरी तरह फर्जी है और इसे अवैध दस्तावेजों के सहारे हासिल किया गया था ।

अपर कलेक्टर जिला – महासमुंद द्वारा 19 मई को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बागबाहरा को भेजे गए पत्र में भी इस बात की पुष्टि की गई कि न्यायालय तहसीलदार कोमाखान के जांच प्रतिवेदन के अनुसार पार्वती महानंद (मूल निवासी खेमड़ा, बागबाहरा) ने कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर यह प्रमाण पत्र बनवाया था। संभाग आयुक्त एस. एन. राठौर द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि प्रथम दृष्टया यह साबित हो चुका है कि पार्षद उस आरक्षित वर्ग की नहीं हैं, जिसके लिए वार्ड सुरक्षित रखा गया था।

ऐसी स्थिति में उनका पार्षद पद पर बने रहना सार्वजनिक और निगम हित में वांछनीय है। कमिश्नर कोर्ट ने अनावेदक पार्षद को नोटिस जारी कर पूछा नहीं है कि क्यों न उन्हें पद से तत्काल बर्खास्त कर दिया जाए? मामले की अंतिम सुनवाई 25 जून 2026 को नियत की गई है। यदि तय तारीख पर पार्षद अपना स्पष्टीकरण या जवाब पेश नहीं करती हैं, तो प्रशासन द्वारा उनके खिलाफ पद से हटाने की एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।

डीजल का अवैध भंडारण करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

राजनांदगांव। डीजल का अवैध भंडारण कर बिक्री करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बागनदी पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के नाम संदीप सिंह पिता महेन्द्र बहादुर सिंह (45 वर्ष) निवासी ग्रीन हाइट कॉलोनी, राजनांदगांव तथा उत्कर्ष मौर्य पिता गजेन्द्र मौर्य (24 वर्ष) निवासी कैम्प- 1, भिलाई, जिला दुर्ग, वर्तमान पता शेरा ढाबा, राजनांदगांव बताया जाता है।

मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर 6 जून को ग्राम घोरतलाब स्थित शेरा ढाबा में पुलिस टीम द्वारा दबिश दी गई। तलाशी के दौरान मौके से 03 लाल रंग के ड्रम एवं 04 नीले रंग केनों में संग्रहित लगभग 500 लीटर के डीजल बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 50 हजार रुपये है। मामले में अपराध पंजीबद्ध कर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 एवं 7 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान मौके पर उपस्थित आरोपी उत्कर्ष मौर्य को गिरफ्तार किया गया।

प्रकरण में संलिप्त दूसरे आरोपी संदीप सिंह को 8 जून को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया। जांच के दौरान दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आए हैं। आरोपी उत्कर्ष मौर्य के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत 3 प्रकरण पूर्व से दर्ज पाए गए हैं। वहीं आरोपी संदीप सिंह के विरुद्ध पूर्व में मारपीट, सड़क दुर्घटना से संबंधित अपराध तथा अन्य आपराधिक प्रकरण दर्ज होना पाया गया है । प्रकरण में विवेचना जारी है। मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।

देह व्यापार की आशंका को लेकर हुआ बवाल, लाज संचालक गिरफ्तार

राजनांदगांव। शहर के जमातपारा क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय में देह व्यापार की आशंका को लेकर बवाल मच गया। बताया जाता है कि यहां संदिग्ध अवस्था में मिले एक युवक की क्षेत्रवासियों ने धुनाई भी कर दी। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कैलाश लाज के संचालक सहित एक विवाहित महिला को गिरफ्तार कर लिया है।

बसंतपुर थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी का नाम प्रीमन कुमार जैन उर्फ अप्पू जैन, पिता सुभाष चंद जैन, उम्र 45 वर्ष, निवासी केशर नगर, गायत्री स्कूल के पास राजनांदगांव बताया जाता है। सूचना प्राप्त हुई कि जमातपारा क्षेत्र स्थित एक प्रॉपर्टी डीलर कार्यालय में संदिग्ध गतिविधियों के संचालन को लेकर स्थानीय नागरिकों में आक्रोश व्याप्त है तथा बड़ी संख्या में लोग वहां एकत्रित हो गए हैं।

बसंतपुर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। मौके पर एक संदिग्ध महिला मिली जो कैलाश लॉज संचालक प्रीमन कुमार जैन उर्फ अप्पू जैन के साथ आना बताई दोनों को पूछताछ के लिए थाना लाया गया। दोनों व्यक्तियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई तथा उन्हें एसडीएम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

म्यूल अकाउंट धारक गिरफ्तार

राजनांदगांव। साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे हैं अभियान के दौरान पुलिस ने एक म्यूल अकाउंट धारक को हिरासत में लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

कोतवाली पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का नाम रूपेन्द्र कुमार वर्मा पिता मोहन लाल वर्मा उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम पलान्दुर, पुलिस चौकी मोहारा, डोंगरगढ़ बताया जाता है। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के “समन्वय पोर्टल” से प्राप्त जानकारी के आधार पर ऐसे म्यूल बैंक खातों की पहचान की गई, जिनका उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के लेन-देन, व्ययन एवं संवर्धन के लिए किया जा रहा था।

जांच के दौरान यह पाया गया कि संबंधित बैंक खातों का उपयोग साइबर धोखाधड़ी से अर्जित अवैध धनराशि को प्राप्त करने एवं आगे हस्तांतरित करने के लिए किया गया। बैंक खाताधारकों एवं सहयोगियों द्वारा यह जानते हुए भी कि उक्त राशि धोखाधड़ी एवं बेईमानी से प्राप्त की गई है, उसे प्राप्त एवं उपयोग किया जा रहा था।

विवेचना के दौरान पूर्व में एक आरोपी चुम्मन कुमार वर्मा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। प्रकरण में संलिप्त दूसरे आरोपी रूपेन्द्र कुमार वर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसने अपराध स्वीकार किया। उसे आज गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है ।

स्कूल खुलने को पांच दिन ही शेष, अब तक आरटीई के दूसरे चरण का पता नहीं

राजनांदगांव। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत भले ही शिक्षा विभाग द्वारा पहले चरण की लाटरी कर सीट का आबंटन भी कर दिया गया है। लेकिन अब तक दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू नही हो पाई है। जिसके चलते गरीब तबके के परिजन बच्चो की भर्ती के लिए आवेदन नहीं कर पाए है।

जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग द्वारा पहले चरण के लिए 191 निजी स्कूलों में भर्ती के लिए 18 सौ आवेदन आए थे। जिसमें से 453 बच्चों का सीटा आबंटन कर दिया गया था। जबकि बाकी सौ से अधिक बच्चे जो पात्र थे, उन्हें सीट नही होने के कारण वंचित रखा गया है। ऐसे में प्रथम चरण से वंचित बच्चों को उम्मीद थी कि, दूसरे चरण में वे आवेदन कर पाएंगे। लेकिन अब यह प्रक्रिया शुरू नही हो पाई है।

हालांकि, पहले दिए गए शेड्यूल में दस जून से प्रक्रिया शुरू होने की बात कही गई थी। लेकिन अब तक साइड नही खुल पाया है। जिसके कारण बच्चों आवेदन नही कर पा रहे है। अफसरों का कहना है कि अब तक दूसरे चरण के लिए शासन से निर्देश नहीं मिले है।

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