दिल्ली सरकार राजधानी की महिलाओं और किन्नर समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। बजट में घोषित ‘दुर्गा ई-ऑटो योजना’ (Durga E-Auto Scheme) को जल्द शुरू किया जाएगा। योजना के तहत पात्र महिलाओं और किन्नरों को ई-ऑटो उपलब्ध कराकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार, योजना का प्रारूप (ड्राफ्ट) तैयार कर लिया गया है और इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। आवेदन और पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के सहयोग से एक समर्पित वेबसाइट विकसित की जा रही है।
योजना के तहत 20 से 40 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं को ई-ऑटो उपलब्ध कराए जाएंगे। महिलाओं के साथ-साथ किन्नर समुदाय को भी इस योजना का लाभ देने का प्रावधान किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य स्वरोजगार को बढ़ावा देना और महिलाओं तथा किन्नरों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के ड्राफ्ट पर विभिन्न विभागों से टिप्पणियां और सुझाव मांगे गए हैं। सभी विभागों की राय प्राप्त होने के बाद प्रस्ताव को मंजूरी के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद योजना को औपचारिक रूप से लागू किया जाएगा। सरकार ने तय किया है कि ई-ऑटो का आवंटन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए पात्र आवेदकों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा।
योजना के पहले चरण में दिल्ली में रहने वाली 1,000 महिलाओं और 100 किन्नरों को ई-ऑटो उपलब्ध कराए जाएंगे। इन ई-ऑटो का रंग गुलाबी (पिंक) होगा, जिससे इन्हें आसानी से पहचाना जा सकेगा। योजना का उद्देश्य महिलाओं और किन्नर समुदाय को स्वरोजगार उपलब्ध कराना तथा राजधानी में सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है। योजना का ड्राफ्ट दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री और दिल्ली की परिवहन आयुक्त की देखरेख में तैयार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ड्राफ्ट पर विभिन्न विभागों की टिप्पणियां प्राप्त होने के बाद इसे कैबिनेट के समक्ष मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
योजना में यह भी प्रावधान किया गया है कि लाभार्थी को आवंटित ई-ऑटो को 3 वर्ष तक किसी अन्य व्यक्ति को बेचा नहीं जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इससे योजना का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचेगा और वाहन का व्यावसायिक उपयोग सुनिश्चित होगा। इसके अलावा सरकार इन महिला और किन्नर चालकाओं को कैब एग्रीगेटर एवं राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ने की भी तैयारी कर रही है, ताकि उन्हें आसानी से सवारियां मिल सकें और उनकी आय में वृद्धि हो।
महिलाओं के लिए संभावित पात्रता
• महिला दिल्ली की निवासी हो तथा उसके पास मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) होना चाहिए।
• महिला की आयु 20 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
• आवेदक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस और पीवी (Public Vehicle) बैज होना आवश्यक है।
• महिला या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम पर पहले से ऑटो रिक्शा पंजीकृत नहीं होना चाहिए।
• वित्तीय वर्ष 2024-25 में परिवार की वार्षिक आय 5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
किन्नरों के लिए संभावित पात्रता
• आवेदक के पास जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) द्वारा जारी ट्रांसजेंडर/किन्नर पहचान प्रमाण-पत्र होना चाहिए।
• आवेदक की आयु 20 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
• आवेदक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस और पीवी (पब्लिक व्हीकल) बैज होना अनिवार्य होगा।
• आवेदक दिल्ली का निवासी हो तथा उसके पास मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी) होना चाहिए।
दिल्ली सरकार की महिला ई-ऑटो योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा को भी मजबूत करना है। सरकार का मानना है कि सुबह जल्दी या देर रात यात्रा करने वाली महिलाएं और युवतियां महिला चालक द्वारा संचालित ई-ऑटो में अधिक सुरक्षित और सहज महसूस करेंगी। महिला चालक होने से यात्रियों में विश्वास बढ़ेगा और सार्वजनिक परिवहन को महिलाओं के लिए अधिक अनुकूल बनाया जा सकेगा। इसके साथ ही यह पहल महिलाओं और ट्रांसजेंडर (किन्नर) समुदाय को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। योजना के माध्यम से उन्हें सीधे आजीविका से जुड़ने, आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने और सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
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