ED Summons Anil Ambani 2025 Asset Seizure Case: नई दिल्ली. रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निशाने पर हैं. बीते कुछ महीनों से उन पर और उनके समूह से जुड़ी कंपनियों पर जांच एजेंसी की सख्त कार्रवाई जारी है. अब ईडी ने 7,500 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क करने के बाद अनिल अंबानी को 14 नवंबर को पूछताछ के लिए तलब किया है. यह दूसरी बार है जब उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया है.
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PMLA के तहत कार्रवाई, 40 से ज्यादा संपत्तियां जब्त
जानकारी के अनुसार, 31 अक्टूबर 2025 को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 5(1) के तहत ईडी ने कुर्की का आदेश जारी किया था. यह कार्रवाई रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) द्वारा जुटाए गए सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच से संबंधित है.
ईडी ने बताया कि इस केस में करीब 40 से अधिक संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया गया है, जिनकी कुल कीमत लगभग 7,500 करोड़ रुपये है. इनमें मुंबई के पाली हिल, बांद्रा वेस्ट स्थित अनिल अंबानी का एक आलीशान आवास भी शामिल है.
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कंपनी ने कहा – बिजनेस पर नहीं पड़ेगा असर
ईडी की कार्रवाई के बाद अनिल अंबानी ग्रुप ने स्टॉक एक्सचेंज में एक बयान जारी कर कहा कि यह कुर्की उनके बिजनेस पर कोई असर नहीं डालने वाली है. रिलायंस ग्रुप की ओर से कहा गया कि जिन संपत्तियों को ईडी ने अटैच किया है, उनमें ज्यादातर रिलायंस कम्युनिकेशंस की हैं, जो पिछले छह साल से कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) के तहत है.
कंपनी ने साफ कहा कि रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी कंपनियों के संचालन पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा.
पहले भी हो चुकी है पेशी
यह पहली बार नहीं है जब ईडी ने अनिल अंबानी को पूछताछ के लिए बुलाया हो. इससे पहले 5 अगस्त 2025 को भी उन्हें एक लोन फ्रॉड मामले में पूछताछ के लिए समन भेजा गया था. तब भी ईडी ने रिलायंस ग्रुप से जुड़ी कई कंपनियों के दफ्तरों और परिसरों पर छापेमारी की थी.
जांच एजेंसी के अनुसार, यह मामला उन कथित वित्तीय लेन-देन से जुड़ा है जिनमें RHFL और RCFL द्वारा जुटाई गई राशि को अन्य समूह कंपनियों में डायवर्ट किया गया था. शक है कि इन फंड्स का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया.
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देशभर में ईडी की बड़ी कार्रवाई
ईडी द्वारा की गई यह कार्रवाई सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं रही. एजेंसी ने दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मुंबई, पुणे, ठाणे, हैदराबाद, चेन्नई (कांचीपुरम सहित) और आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में स्थित संपत्तियों को भी कुर्क किया है.
इन संपत्तियों में कार्यालय परिसर, आवासीय भवन, और खाली प्लॉट शामिल हैं. ईडी का दावा है कि यह सारी संपत्तियां उन कंपनियों और व्यक्तियों से जुड़ी हैं जिनका नाम मनी लॉन्ड्रिंग केस में सामने आया है.
आगे क्या हो सकता है
सूत्रों के अनुसार, अनिल अंबानी को ईडी ने 14 नवंबर को दिल्ली स्थित कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया है. संभावना है कि उनसे पूछताछ के दौरान एजेंसी RHFL और RCFL से जुड़े वित्तीय लेन-देन और निवेश पैटर्न की जानकारी लेगी.
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आरोप साबित होते हैं, तो यह मामला कॉर्पोरेट सेक्टर में एक बड़ी कानूनी कार्रवाई का रूप ले सकता है.
पृष्ठभूमि: कैसे शुरू हुई जांच
यह जांच साल 2020 में तब शुरू हुई थी, जब कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने शिकायत की कि रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस ने बड़े पैमाने पर लोन राशि का गलत उपयोग किया. इसके बाद ईडी ने PMLA के तहत जांच शुरू की, जिसमें कई चरणों में छापेमारी और पूछताछ की गई.
ईडी की इस नई कार्रवाई ने अनिल अंबानी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ा दी हैं. हालांकि, रिलायंस ग्रुप का कहना है कि वे जांच में पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं और उनका कोई भी कारोबार अवैध गतिविधियों में शामिल नहीं है. अब 14 नवंबर को होने वाली पूछताछ से आगे की दिशा तय होगी.

