जालंधर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए फरीदकोट विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह उर्फ किक्की ढिल्लों से करीब 9 घंटे तक कड़ी पूछताछ की। जालंधर स्थित ED दफ्तर में सुबह करीब 11 बजे पहुंचे ढिल्लों रात 8 बजे के बाद वहां से रवाना हुए।

इस दौरान केंद्रीय एजेंसी ने उनसे जुड़े वित्तीय दस्तावेजों को खंगाला। पूछताछ के बाद मीडिया से बातचीत में पूर्व विधायक किक्की ढिल्लों ने कहा कि ED के अधिकारियों ने उनके साथ सहयोगात्मक रवैया अपनाया। जब उनसे पूछा गया कि एजेंसी ने उनसे क्या सवाल किए, तो उन्होंने कहा कि यह मामला फिलहाल अदालत के विचाराधीन है, इसलिए मैं इस पर अधिक विवरण साझा नहीं कर सकता। ED ने मेरी आय और संपत्ति से जुड़े कुछ दस्तावेज मांगे थे, जो मैंने उन्हें सौंप दिए हैं। मुझे भारतीय न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि अदालत से मुझे न्याय मिलेगा।

विजिलेंस जांच में हुआ था बड़ा खुलासा: आय से 245% अधिक खर्च

गौरतलब है कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मई 2023 में किक्की ढिल्लों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। विजिलेंस की जांच के आधार पर ही अब ED इस मामले के मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच कर रही है। जांच अवधि (2017 से 2022) के दौरान किक्की ढिल्लों की कुल कमाई ₹3.18 करोड़ थी, जबकि उन्होंने इस दौरान 10.72 करोड़ खर्च किए। पूर्व विधायक ₹7.53 करोड़ के इस अतिरिक्त खर्च के वैध स्रोतों की जानकारी देने में पूरी तरह असमर्थ रहे। विजिलेंस के अनुसार, ढिल्लों ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से लगभग 245 प्रतिशत अधिक पैसा खर्च किया।

दूसरों के नाम पर बेनामी संपत्ति बनाने का आरोप
विजिलेंस के प्रवक्ता के अनुसार, ब्यूरो ने 1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2022 तक के पांच वर्षों के दौरान ढिल्लों की चल-अचल संपत्तियों का मूल्यांकन किया था। जांच में पाया गया कि पूर्व विधायक ने फरीदकोट जिले की सादिक तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव ‘मुमरा’ में अन्य व्यक्तियों के नाम पर बड़े पैमाने पर बेनामी संपत्तियां खरीदी थीं।

दो सहयोगियों पर भी दर्ज है मामला

इस भ्रष्टाचार और अवैध कमाई के मामले में विजिलेंस ब्यूरो पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुका है। मामले में किक्की ढिल्लों के अलावा उनके दो करीबियों को भी आरोपी बनाया गया है, जिनमें गुरसेवक सिंह (निवासी: फरीदकोट), राजविंदर सिंह (निवासी: गांव नानकसर शहीद, फिरोजपुर) विजिलेंस की इसी चार्जशीट और वित्तीय गड़बड़ियों को आधार बनाकर अब जालंधर ED के अधिकारियों ने सवालों की एक लंबी सूची तैयार की थी, जिसके तहत ढिल्लों से कल दिनभर पूछताछ की गई।