भोपाल। परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक ‘धनकुबेर’ सौरभ शर्मा ने अब तक 55 किलो सोना और 10 करोड़ कैश कांड का राज नहीं खोला है। इस बीच जांच में सामने आया है कि लोकायुक्त की गलती की वजह से सौरभ शर्मा को डिफ़ॉल्ट जमानत मिली थी।
दरअसल, ED की वार्षिक रिपोर्ट में रिपोर्ट में लोकायुक्त की जांच पर सवाल खड़े हो गए हैं। ईडी पर समय पर चार्जशीट दाखिल न करने का आरोप है। जिसकी देरी के कारण सौरभ शर्मा को डिफॉल्ट जमानत मिली थी।
खुलासे के बाद भ्रष्टाचार मामले की जांच पर सवाल उठने लगे हैं। बता दें कि सौरभ शर्मा पर फर्जी कंपनियों से 108 करोड़ की अवैध कमाई का आरोप है। हाईकोर्ट ने जमानत याचिका भी खारिज कर दी है। मामले में कानूनी कार्रवाई अब भी जारी है।

