० डीसी ने बाल भवन बावल में नीट और जेईई की तैयारी के लिए वर्चुअल क्लास का किया शुभारंभ
धनेश, रेवाड़ी। डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि जीवन के उत्थान में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका शिक्षा की होती है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही युवा अपने सपनों को साकार कर समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकते हैं। डीसी अभिषेक मीणा ने बुधवार को बाल भवन बावल में नीट व जेईई की तैयारी के लिए शुरू की गई वर्चुअल क्लास का बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शुभारंभ किया। कार्यक्रम में पहुंचने जिला बाल कल्याण अधिकारी वीरेंद्र यादव ने डीसी अभिषेक मीणा का स्वागत एवं अभिवादन किया।
विद्यार्थियों के लिए बेहतर मार्गदर्शन और संसाधनों की उपलब्धता जरुरी
डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि आधुनिक समय में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है, ऐसे में विद्यार्थियों के लिए बेहतर मार्गदर्शन और संसाधनों की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। वर्चुअल क्लास के माध्यम से जिला के विद्यार्थी नाममात्र शुल्क में प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं नीट व जेईई की तैयारी कर सकेंगे, जिससे उनके लिए अवसरों के नए द्वार खुलेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि शिक्षा के बल पर जीवन में कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उच्च शिक्षा से जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने कोई भी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने के लिए विद्यार्थियों को नियमितता, अनुशासन और पूरी लग्न के साथ पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।
वर्चुअल क्लास तैयार करने के प्रयासों की सराहना की
डीसी ने हॉलिस्टर मेडिकल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधन द्वारा सीएसआर फंड के माध्यम से वर्चुअल क्लास तैयार करने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कंपनी के प्लांट ऑपरेशन डायरेक्टर संदीप चौपड़ा, एचआर हेड विक्रम सहित पूरी प्रबंधन टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल समाज के प्रति जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस अवसर पर डीसी ने बाल भवन परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया और सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।
बच्चे और महिलाएं हो रही आत्मनिर्भर
जिला बाल कल्याण अधिकारी वीरेंद्र यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला बाल कल्याण परिषद द्वारा जिले में लाइब्रेरी, कंप्यूटर कोर्स, सिलाई व बुटीक सेंटर सहित अनेक जन कल्याणकारी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से बच्चों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में जिला बाल कल्याण परिषद द्वारा महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संचालित सिलाई व बुटीक सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी महिलाओं को प्रमाण पत्र दिए। वहीं बच्चों को भी बैग सहित अन्य सामग्री वितरित की। इस अवसर पर जिला बाल कल्याण परिषद के अधिकारी, कर्मचारी व विद्यार्थी आदि उपस्थित रहे।

