फरीदाबाद से BJP सांसद और विधायकों का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वे अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और लूट का आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस ने इस वीडियो को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा की राजनीति में उस वक्त बड़ा सियासी धमाका हो गया जब कांग्रेस नेता Deepender Singh Hooda ने अपने X अकाउंट पर एक ऐसा वीडियो शेयर कर दिया, जिसमें खुद BJP के सांसद, विधायक और नेता निगम अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और लूट के आरोप लगाते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आते ही विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का बड़ा मौका मिल गया है।
वीडियो में फरीदाबाद से सांसद एवं केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री Krishan Pal Gurjar नगर निगम अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहते सुनाई दे रहे हैं कि करोड़ों रुपये के पेड़ लगाए जाते हैं, लेकिन बाद में उनका कोई पता नहीं चलता। उन्होंने साफ शब्दों में कहा— “मलाई अधिकारी खाते हैं और बदनामी सरकार की होती है।”
वहीं बड़खल विधायक Dhanesh Adlakha सड़क निर्माण कार्यों पर सवाल उठाते हुए कहते दिख रहे हैं कि सड़कें जल्दी टूट जाती हैं और काम सही तरीके से नहीं होता।
वीडियो में एक अन्य नेता तो सीधे एक अधिकारी का नाम लेते हुए यह तक कहता नजर आता है कि उसने “नगर निगम में लूट मचा रखी है।”
अब यही वीडियो कांग्रेस के हाथ सबसे बड़ा राजनीतिक हथियार बन गया है। दीपेंद्र हुड्डा ने वीडियो शेयर करते हुए तंज कसा— “हमारा क्या कसूर — जनता।” यह लाइन सीधे सरकार की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक नियंत्रण पर सवाल खड़े करती दिख रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला इसलिए ज्यादा गंभीर है क्योंकि आरोप विपक्ष नहीं, बल्कि खुद सत्ता पक्ष के नेता लगा रहे हैं। यानी विपक्ष अब यह नैरेटिव बनाने की कोशिश करेगा कि अगर BJP के मंत्री और विधायक ही भ्रष्टाचार, खराब निर्माण और अफसरशाही पर सवाल उठा रहे हैं, तो जमीन पर स्थिति कितनी खराब होगी। कांग्रेस इस मुद्दे को “सरकार बनाम उसकी अपनी व्यवस्था” के तौर पर पेश कर सकती है।
हालांकि BJP के लिए यह मामला पूरी तरह नुकसानदेह भी नहीं माना जा रहा। पार्टी समर्थक इसे इस रूप में भी पेश कर सकते हैं कि BJP नेता खुलकर अधिकारियों को जवाबदेह बना रहे हैं और भ्रष्टाचार पर पर्दा नहीं डाल रहे। यानी पार्टी यह संदेश देने की कोशिश कर सकती है कि सिस्टम में गड़बड़ी होने पर उनके नेता खुद आवाज उठा रहे हैं। लेकिन राजनीतिक रूप से सबसे बड़ा खतरा यह है कि विपक्ष इसे “डबल इंजन में डबल भ्रष्टाचार” वाले नैरेटिव में बदल सकता है।
फरीदाबाद नगर निगम पहले भी सफाई, सड़क, विकास कार्यों और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर विवादों में रहा है। ऐसे में अब जब सत्ता पक्ष के भीतर से ही नाराजगी का वीडियो सामने आया है, तो यह आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। खासकर शहरी वोटरों के बीच इसका असर देखने को मिल सकता है, क्योंकि वीडियो में उठाए गए मुद्दे सीधे जनता की रोजमर्रा की समस्याओं से जुड़े हैं।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार इस वीडियो को “आंतरिक समीक्षा” बताएगी या फिर अधिकारियों पर कोई कार्रवाई भी होगी। लेकिन इतना तय है कि इस वीडियो ने हरियाणा की राजनीति में नया विवाद जरूर खड़ा कर दिया है।

