Bastar News Update : सुकमा. सुकमा जिले के साडरापाल गांव में हुई हिंसक झड़प ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. रविवार सुबह हुई मारपीट में 13 लोग घायल हुए हैं. पुलिस इसे जमीन और आपसी विवाद से जुड़ा मामला बता रही है. वहीं क्रिश्चियन फोरम ने आरोप लगाया है कि प्रार्थना सभा में शामिल लोगों पर हमला किया गया. घटना के बाद 10 ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. शिकायत में पूर्व सरपंच समेत अन्य लोगों पर लाठी-डंडों से हमला करने का आरोप है. घायलों को सिर, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं. क्रिश्चियन फोरम ने कानून हाथ में लेने पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है. फोरम का कहना है कि किसी भी विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया से होना चाहिए. दूसरी ओर पुलिस फिलहाल जमीन विवाद के एंगल से जांच कर रही है. घटना को लेकर गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है. अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि विवाद की असली वजह क्या थी.
आरपीएफ की ईमानदारी : 50 हजार का खोया बैग यात्री को लौटाया
बस्तर. रेल यात्रा के दौरान खोया सामान लौटाकर आरपीएफ ने भरोसे की मिसाल पेश की है. जगदलपुर रेलवे सुरक्षा बल ने ऑपरेशन अमानत के तहत यात्री का बैग सुरक्षित बरामद किया. ट्रेन संख्या 18447 के एसी कोच में बैग छूटने की सूचना हेल्पलाइन 139 पर मिली थी. सूचना मिलते ही आरपीएफ टीम ने कोच की तलाशी शुरू की. जांच के दौरान बैग सुरक्षित हालत में बरामद कर लिया गया. बैग में 20 हजार रुपये नकद, मोबाइल, एटीएम कार्ड, कपड़े और दवाइयां थीं. सामान की कुल कीमत करीब 50 हजार रुपये आंकी गई. दस्तावेजों और पहचान पत्र के सत्यापन के बाद बैग यात्री को सौंपा गया. यात्री ने आरपीएफ अधिकारियों की तत्परता और ईमानदारी की सराहना की. ऑपरेशन अमानत के तहत रेलवे खोया सामान उसके असली मालिक तक पहुंचाती है. इस पहल से यात्रियों का रेलवे पर भरोसा और मजबूत हो रहा है. जगदलपुर आरपीएफ की यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है.
CM साय ने कोंडागांव को दी 152 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
कोंडागांव. बड़े कनेरा में आयोजित समाधान शिविर केवल शिकायतों का मंच नहीं बल्कि विकास का रोडमैप बन गया. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिविर में ग्रामीणों से सीधा संवाद किया. उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद लोगों की भागीदारी सरकार पर विश्वास दिखाती है. सुशासन तिहार के जरिए गांव-गांव पहुंचकर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है. प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन और सूर्य घर योजना की प्रगति की समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में रोजाना लगभग 1600 आवास बन रहे हैं. कार्यक्रम में 152 करोड़ 18 लाख रुपये के 43 विकास कार्यों की सौगात दी गई. इनमें 14 कार्यों का लोकार्पण और 29 नए कार्यों का भूमिपूजन शामिल है. सड़क, पर्यटन और भवन निर्माण से जुड़े कई नए प्रोजेक्ट घोषित किए गए. क्षेत्र के प्राचीन शिव मंदिर के जीर्णोद्धार की भी घोषणा हुई. विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण कर हितग्राहियों से फीडबैक लिया गया. शिविर ने प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद मजबूत किया.
पाइन परियोजना का अधूरा सपना, रोजगार और उद्योग आज भी इंतजार में
बस्तर. पांच दशक पहले बस्तर में शुरू हुई पाइन परियोजना आज सवालों के घेरे में है. कागज कारखाना और रोजगार के सपने दिखाकर लाखों स्थानीय पेड़ काटे गए थे. उनकी जगह हजारों एकड़ में कैरेबियन पाइन का रोपण किया गया. दावा था कि यहां कागज उद्योग स्थापित होगा और चिलगोजा उत्पादन भी होगा. लेकिन न उद्योग आया, न रोजगार मिला और न ही अपेक्षित उत्पादन हुआ. वनभूमि लीज पर लेने के बावजूद लीज राशि का भुगतान तक नहीं किया गया. बाद में वन विभाग ने पाइन वृक्षों को अपने कब्जे में ले लिया. ग्रामीणों का आरोप है कि विकास के नाम पर केवल वादे किए गए. बस्तर में बांस और वन संसाधनों की कमी नहीं होने के बावजूद उद्योग नहीं लग पाया. आज भी बड़ी संख्या में ग्रामीण पारंपरिक वनोपज पर निर्भर हैं. पुराने पाइन वृक्ष अब काटकर बेचे जा रहे हैं. यह परियोजना बस्तर में अधूरी योजनाओं की एक बड़ी मिसाल बन गई है.
मजबूत नाली तोड़ने पर उठे सवाल, टेंडर प्रक्रिया पर विवाद
दंतेवाड़ा. गीदम नगर पंचायत में एक नाली निर्माण को लेकर नया विवाद सामने आया है. वार्ड 12 में वर्षों पहले बनी आरसीसी नाली को तोड़ने की तैयारी पर सवाल उठ रहे हैं. आरोप है कि अभी भी मजबूत स्थिति में मौजूद नाली के लिए नया टेंडर जारी किया गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल सफाई और आंशिक मरम्मत से समस्या हल हो सकती थी. नाली निर्माण पर पहले ही लाखों रुपये खर्च किए जा चुके हैं. कुछ लोगों ने इसे सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला बताया है. विवाद का एक पक्ष नाली के लेवल और तकनीकी खामियों का हवाला दे रहा है. विरोध करने वालों का कहना है कि तकनीकी सुधार बिना तोड़फोड़ के भी संभव है. मामला अब वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ गया है. स्थानीय स्तर पर जांच की मांग तेज हो गई है. कलेक्टर से निर्माण स्थल का निरीक्षण कराने की अपेक्षा जताई गई है. आने वाले दिनों में प्रशासनिक जांच की दिशा पर सबकी नजर रहेगी.
पार्किंग संकट पर सख्ती, सड़क किनारे खड़े वाहनों पर कार्रवाई
दंतेवाड़ा. बचेली में पार्किंग की समस्या अब प्रशासनिक एजेंडे का बड़ा मुद्दा बन गई है. पुलिस ने मुख्य मार्गों पर खड़े वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की. कई ट्रकों और चारपहिया वाहनों के टायरों की हवा निकाल दी गई. कार्रवाई के बाद वाहन मालिकों और पुलिस के बीच बहस की स्थिति बनी. वाहन संचालकों ने पार्किंग और डीजल सुविधा की कमी का मुद्दा उठाया. वहीं नागरिकों ने सड़क किनारे बेतरतीब पार्किंग को दुर्घटनाओं की वजह बताया. मामले को लेकर सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई. बैठक में ट्रकों की बढ़ती संख्या के मुकाबले पार्किंग व्यवस्था को अपर्याप्त माना गया. मुख्य मार्गों पर दिनभर पार्किंग प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव सामने आया. नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना और एफआईआर जैसी कार्रवाई पर सहमति बनी. स्थायी ट्रक पार्किंग विकसित करने की मांग भी जोर पकड़ रही है. अब देखना होगा कि सख्ती के साथ समाधान भी कितनी जल्दी जमीन पर उतरता है.
खाद्य विभाग को निरीक्षण में मिले सड़े-गले फल और एनालॉग पनीर
बीजापुर. भैरमगढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने फल बाजारों में विशेष जांच अभियान चलाया. अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं को खराब और असुरक्षित खाद्य सामग्री से बचाना था. निरीक्षण के दौरान कई दुकानों में सड़े-गले फल पाए गए. खराब आम, केले और संतरे को तत्काल बिक्री से हटवाया गया. फल विक्रेताओं को स्वच्छता और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए. विभाग ने खराब फलों को ताजा फलों के साथ रखने पर आपत्ति जताई. कार्रवाई के दौरान एक प्रतिष्ठान से एनालॉग पनीर का नमूना भी लिया गया. नमूना जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है. हाल ही में एक्सपायरी खाद्य सामग्री पर भी विभाग कार्रवाई कर चुका है. अभियान से व्यापारियों को गुणवत्ता मानकों का पालन करने का संदेश मिला है. अधिकारियों ने कहा कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं होगा. भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण अभियान जारी रहने की संभावना है.
नगर निगम ने संभाली कमान, फिर शुरू हुआ तरणताल
जगदलपुर. गर्मी के मौसम में शहरवासियों के लिए राहत की खबर सामने आई है. नेताजी सुभाषचंद्र बोस तरणताल का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया है. दो बार निविदा निकालने के बावजूद कोई संस्था संचालन के लिए आगे नहीं आई. इसके बाद नगर निगम ने स्वयं संचालन का निर्णय लिया. महापौर और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में शुभारंभ किया गया. तरणताल शुरू होने से युवाओं और बच्चों को बेहतर खेल एवं मनोरंजन सुविधा मिलेगी. शुभारंभ के दौरान परिसर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया गया. साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था और चेंजिंग रूम की समीक्षा की गई. महिलाओं और युवाओं के लिए अलग-अलग प्रशिक्षकों की व्यवस्था की गई है. उपलब्ध संसाधनों के आधार पर संचालन शुरू किया गया है. निगम ने सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से और बेहतर बनाने के संकेत दिए हैं. लंबे इंतजार के बाद शहर के तैराकी प्रेमियों को फिर से अपना तरणताल मिल गया है.
Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H

