पानीपत | प्रवीण भारद्वाज. देश में लागू की गई इमरजेंसी के 51 वर्ष पूरे होने पर हरियाणा के लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य मंत्री रणबीर गंगवा ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 1975 में लगाई गई इमरजेंसी भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था, जिसमें कांग्रेस ने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की खुलकर अवहेलना की।

पानीपत में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रणबीर गंगवा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हर वर्ष 25 जून को “काला दिवस” के रूप में मनाती है, क्योंकि इसी दिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने देश पर इमरजेंसी थोपकर लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता बचाने के लिए उस समय कांग्रेस सरकार ने विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और लोकतंत्र की आवाज उठाने वाले लोगों पर अत्याचार किए थे। गंगवा ने कहा कि इमरजेंसी के दौरान लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन किया गया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी अंकुश लगाया गया था।

रणबीर गंगवा ने कहा कि भाजपा युवाओं को देश के इतिहास के इस काले अध्याय से अवगत कराने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों और प्रेस वार्ताओं के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाती है, ताकि नई पीढ़ी लोकतंत्र के महत्व को समझ सके।

राहुल गांधी के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए गंगवा ने कहा कि उन्होंने संसद में यह कहकर भ्रम फैलाने का प्रयास किया कि संविधान खतरे में है। उन्होंने कहा कि संविधान को सबसे बड़ा खतरा तब हुआ था जब कांग्रेस ने देश में इमरजेंसी लागू कर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया था।

उन्होंने कहा कि देश की जनता इमरजेंसी के दौर को कभी नहीं भूल सकती और लोकतंत्र की रक्षा के लिए ऐसे घटनाक्रमों को याद रखना जरूरी है।