प्रदीप मालवीय, उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन और पूरे मालवा क्षेत्र में मंदिरों की बड़ी संख्या और सालभर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रहा है । विश्वविद्यालय द्वारा मंदिर व्यवस्थाओं को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से एमबीए इन टेम्पल मैनेजमेंट कोर्स शुरू करने की तैयारी की जा रही है ।
कुल सचिव अनिल कुमार शर्मा के अनुसार, इस कोर्स का उद्देश्य मंदिरों में व्यवस्थाओं को प्रोफेशनल स्वरूप देना है, ताकि दर्शनार्थियों को सुगम और बेहतर सुविधाएं मिल सकें । साथ ही मंदिर प्रशासन, भीड़ प्रबंधन, संसाधन प्रबंधन और छोटे व्यापारियों जैसे प्रसाद, फूल आदि से जुड़े लोगों के संचालन को भी व्यवस्थित किया जा सके ।
उन्होंने बताया कि इस कोर्स के जरिए विद्यार्थियों को न केवल रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि वे स्वरोजगार की दिशा में भी आगे बढ़ सकेंगे । प्रशिक्षित युवा मंदिर प्रबंधन में अपनी भूमिका निभा सकेंगे, जिससे धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी। यह कोर्स स्नातकोत्तर स्तर का होगा, जिसमें प्रवेश के लिए स्नातक होना अनिवार्य रहेगा । फिलहाल विश्वविद्यालय द्वारा पाठ्यक्रम की रूपरेखा, सीटों की संख्या, अध्ययनशाला और प्रवेश प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है ।
खास बात यह है कि इस कोर्स में प्रवेश के लिए किसी प्रकार की आयु सीमा निर्धारित नहीं होगी, यानी कोई भी पात्र अभ्यर्थी इसमें दाखिला ले सकेगा। धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उज्जैन में इस तरह का कोर्स शुरू होना न केवल शिक्षा के क्षेत्र में नया कदम माना जा रहा है, बल्कि मंदिर व्यवस्थाओं में भी एक बड़ा बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।

