Rajasthan News: राजस्थान के बाजारों में एनर्जी ड्रिंक के नाम पर बिकने वाले प्रोडक्ट अब सरकार के रडार पर हैं। राज्य सरकार के खाद्य सुरक्षा और औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। अब किसी भी ड्रिंक पर Energy Drink लिखना या कमजोरी दूर करने का दावा करना भारी पड़ सकता है।

बाजार में बिकने वाली कई कोल्ड ड्रिंक्स और सप्लीमेंट्स पर एनर्जी बूस्टर या ताक बढ़ाने के लंबे-चौड़े दावे लिखे होते हैं। फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट का कहना है कि ये दावे पूरी तरह भ्रामक हैं। असल में, ऐसे ड्रिंक्स के लिए अभी तक कोई तय सरकारी मानक ही नहीं बने हैं। इसलिए, किसी भी बोतल पर एनर्जी ड्रिंक की ब्रांडिंग करना सीधा-सीधा मिसब्रांडिंग माना जाएगा।
दुकानों से लेकर ऑनलाइन तक होगी चेकिंग
खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने पूरे राजस्थान में तत्काल प्रभाव से एक्शन लेने के आदेश दिए हैं। अब केवल लोकल दुकानों पर ही नहीं, बल्कि बड़े-बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर बिकने वाले प्रोडक्ट्स की भी जांच की जाएगी। टीम उन कंपनियों पर भी शिकंजा कसेगी जो टीवी या सोशल मीडिया पर एकाग्रता बढ़ाने जैसे झूठे विज्ञापन चला रही हैं।
तो क्या अब बिकना बंद हो जाएंगे ये प्रोडक्ट्स?
सरकार का सीधा निर्देश है कि फूड सेफ्टी एंड स्टैडंर्ड एक्ट-2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। अगर किसी कंपनी का लेबल नियमों के खिलाफ पाया गया, तो उसका सामान जब्त होगा और भारी जुर्माना भी लग सकता है। अधिकारी अब सीधे मैन्युफैक्चरर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स तक पहुंच रहे हैं ताकि गलत जानकारी के साथ कोई भी प्रोडक्ट जनता तक न पहुंचे।
अगर आप भी ऐसे किसी प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो बोतल के पीछे दिए गए लेबल को ध्यान से पढ़ें। सरकार का यह कदम आम जनता की सेहत को देखते हुए उठाया गया है, ताकि गलत दावों के जाल में फंसकर लोग अपनी हेल्थ के साथ खिलवाड़ न करें।
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