कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश की सभी आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए निर्देश दिए हैं कि सभी आईटीआई की वर्कशॉप्स को मॉडर्न किया जाए और वहां उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटीआई के कोर्स और पढ़ाई को उद्योगों की मांग के अनुसार तैयार किया जाए ताकि युवाओं को कोर्स पूरा होते ही रोजगार मिल सके और उद्योगों को प्रशिक्षित व कुशल युवा उपलब्ध हों।
हरियाणा विजन 2047 के तहत हरियाणा सिविल सचिवालय में युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग की अगले पांच वर्षों की कार्ययोजना की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईटीआई, पॉलिटेक्निक और वोकेशनल संस्थानों के शिक्षकों की समय-समय पर ट्रेनिंग करवाई जाए और उनका उद्योगों के साथ समन्वय बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार करने वाले युवाओं को भी प्रोत्साहित किया जाए और उनके आइडियाज को स्टार्टअप में बदलने में मदद की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समय के साथ उद्योगों की जरूरतें बदल चुकी हैं, लेकिन कई प्रशिक्षण संस्थान अब भी पुरानी पद्धति से पढ़ाई करवा रहे हैं, जिससे युवाओं को रोजगार और उद्योगों को कुशल मानव संसाधन मिलने में दिक्कत हो रही है। युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने बताया कि आईटीआई वर्कशॉप्स के आधुनिकीकरण का सर्वे चल रहा है और पहले चरण में 10 करोड़ रुपये के आधुनिक उपकरणों की खरीद के ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि विदेश सहयोग विभाग के माध्यम से युवाओं को विदेशों में रोजगार के लिए तैयार करने हेतु चार जिलों में प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे। करनाल और पंचकूला में स्थान चिन्हित किए जा चुके हैं, जबकि दो अन्य जिलों का चयन जारी है। मुख्यमंत्री ने रोजगार मेलों की संख्या बढ़ाने, युवाओं की प्लेसमेंट ट्रैकिंग करने और उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया।

