नूंह के बघौला के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह एक तेज रफ्तार अल्काजार कार सड़क किनारे खड़े कैंटर से टकरा गई। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
सोनू वर्मा, नूंह। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शनिवार की सुबह अवैध रूप से खड़े एक आयशर कैंटर के कारण भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें चार लोगों की जान चली गई। बघौला के समीप एक्सप्रेसवे के 64/170 किलोमीटर प्वाइंट पर जयपुर से दिल्ली की तरफ जा रही एक तेज रफ्तार अल्काजार कार सड़क किनारे खड़े केला से लदे आयशर कैंटर के पिछले हिस्से में बेहद जोरदार तरीके से जा घुसी। यह भिड़ंत इतनी भयावह थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। दुर्घटना के चलते कार में सवार एक ही परिवार के चार लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि परिवार के मुखिया और एक मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए।

मात्र ग्यारह मिनट में उजाड़ दिया पूरा परिवार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, केले से भरा हुआ यह आयशर कैंटर शनिवार सुबह करीब 06:24 बजे एक्सप्रेसवे के किनारे आकर खड़ा हुआ था। इसके ठीक 11 मिनट बाद यानी सुबह करीब 06:35 बजे दिल्ली की ओर जा रही तेज रफ्तार अल्काजार कार सीधे इसके पिछले हिस्से से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग सहम गए। इस हादसे में 45 वर्षीय महिला, 22 वर्षीय युवक, 15 वर्षीय किशोरी और लगभग 10-12 वर्षीय बालक की घटना स्थल पर ही सांसे थम गईं। वहीं 50 वर्षीय पिता और 5-6 साल का एक मासूम बच्चा लहूलुहान हालत में अंदर फंसे रहे।
पुलिस जांच और सुरक्षा मानकों की पड़ताल
इस भीषण दुर्घटना के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों और एक्सप्रेसवे के राहत दल ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम ने काफी मशक्कत के बाद कार को काटकर घायलों और शवों को बाहर निकाला। दोनों घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि एक्सप्रेसवे पर किन परिस्थितियों में कैंटर खड़ा था और क्या वहां सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी।

