सतीश सिंह, रामपुर. रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण को लेकर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की पत्नी और पूर्व सांसद डॉ. तंजीन फातिमा ने सरकार के साथ-साथ अपनी ही पार्टी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि यदि केवल नाम की वजह से जौहर यूनिवर्सिटी को निशाना बनाया जा रहा है तो यह बेहद दुखद है, क्योंकि मौलाना मोहम्मद अली जौहर स्वतंत्रता सेनानी थे.

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के अब तक रामपुर नहीं पहुंचने पर तंज कसते हुए तंजीन फातिमा ने कहा “यह तो पार्टी अध्यक्ष और सांसद-विधायक ही बता सकते हैं कि वे यहां ज्यादा सक्रिय क्यों नहीं हैं. हो सकता है कि अब मुख्यमंत्री बनने की बजाय उनका मकसद प्रधानमंत्री बनना हो.” उन्होंने आरोप लगाया कि जौहर यूनिवर्सिटी को उसके नाम और आजम खान से जुड़े होने के कारण निशाना बनाया जा रहा है. उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में एक बार फिर आजम परिवार और अखिलेश यादव के रिश्तों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

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हालांकि, समाजवादी पार्टी जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण का लगातार विरोध कर रही है. 23 जुलाई को अखिलेश यादव के निर्देश पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में 45 विधायकों का प्रतिनिधिमंडल रामपुर पहुंचा था और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर ध्वस्तीकरण रोकने की मांग की थी. इसके बाद 25 जुलाई को सपा के नौ सांसदों का प्रतिनिधिमंडल भी रामपुर गया और प्रशासन से कार्रवाई रोकने की अपील की. वहीं सूत्रों का कहना है कि आजम खान का परिवार काफी समय से अखिलेश यादव को रामपुर आने का आग्रह कर रहा था. हालांकि, उनके नहीं पहुंचने के बाद डॉ. तंजीन फातिमा की यह नाराजगी सार्वजनिक रूप से सामने आई है.