लखनऊ. पुलिस कमिश्नरेट में रिजर्व पुलिस में तैनात कांस्टेबल सुनील शुक्ला को निलंबित कर दिया गया है. बीते 8 मई को ड्यूटी लगवाने के लिए ‘घूसखोरी’ को लेकर उनका वीडियो सोशल मीडिया में सामने आया था. एक के बाद एक कई वीडियो सामने आने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था. अब कांस्टेबल को सोशल मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन करने और विभागीय अधिकारियों पर ड्यूटी लगाने के नाम पर वसूली के गंभीर आरोप लगाने के मामले में निलंबित कर दिया गया है.
जानकारी के मुताबिक सुनील शुक्ला पर सेवा नियमों और आचरण संहिता के उल्लंघन की कार्रवाई की गई है. यूपी पुलिस के सिपाही के बयानों और वीडियो के वायरल होने के बाद, पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिया. निष्पक्ष जांच के लिए गणना कार्यालय से एक दारोगा समेत 12 पुलिसकर्मियों को हटाया गया था. इसके बाद पुलिस प्रशासन ने ड्यूटी आवंटन की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर आधारित व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है.
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बता दें कि वीडियो में कांस्टेबल मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा था कि ‘लखनऊ कमिश्नरेट के रिजर्व पुलिस लाइन में आपकी नाक के नीचे इन काले अंग्रेजों अर्थात आईपीएस अफसरों को द्वारा लूट की जमींदारी व्यवस्था चलाई जा रही है. ये व्यवस्था इतनी सुव्यवस्थित ढंग से चलाई जाती है जिसपर मैं आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं. काले अंग्रेजों द्वारा नियुक्त किया जाता है आरआई को, आरआई नियुक्त करता है एक गणना प्रभारी को. फिर वो अपनी सुविधा के लिए एक कमांडर नियुक्त करता है. फिर सिपाही दिवान अपना ड्यूटी लगवाने के लिए 2000 हजार रुपये प्रति माह कमांडर के माध्यम से जमा करता है. गार्ड पैसा भी इकट्ठा करता है और अपने आप को बचा भी नहीं पाता है, उसे भी दो हजार रुपया महीना जमा करना पड़ता है.’

