चंडीगढ़। 18 जनवरी को मजीठा रैली में मुख्यमंत्री भगवंत मान का शांतिपूर्ण घेराव करने की घोषणा पर आज पुलिस ने किसान मजदूर संघर्ष समिति पंजाब के प्रदेशाध्यक्ष सरवन सिंह पंधेर सहित कई सीनियर किसान नेताओं को उनके घरों से ही हिरासत में ले लिया। केएमएम के किसान नेता अंग्रेज सिंह का कहना है कि बीती रात से किसान नेताओं की गिरफ्तारियां लगातार जारी हैं, ताकि किसान मजीठा रैली में न पहुंच सकें।
पुलिस हिरासत से बचे किसान नेताओं ने पंजाब सरकार के इशारे पर हुई कार्रवाई को कायराना, दमनकारी और लोकतंत्र विरोधी करार दिया है। केएमएम ने व्हाट्सएप के जरिए अपने साथियों के साथ साथ मीडिया तक ये जानकारी सांझा की है कि जो सरकार खुद को ‘किसान-हितैषी’ बताती थी, वही आज किसानों की आवाज को हथकड़ियां लगाकर दबाने की कोशिश कर रही है।
किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए जानकारी सांझा करते हुए पंजाब सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि गिरफ्तारियों, धमकियों और पुलिस बल के जोर से किसान आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता। इतिहास गवाह है कि जो सरकारें जनता के आंदोलनों से डर कर दमन का रास्ता अपनाती रही हैं, वे अंततः जनता की अदालत में बेनकाब होती आई हैं।
किसान नेताओं ने ऐलान किया है कि मजीठा में घोषित घेराव की कार्रवाई हर हाल में और हर कीमत पर की जाएगी। अब पंजाब का किसान न गिरफ्तारियों और न ही धमकियों से डर कर इस संघर्ष को रोक तेजी से आगे बढ़ाएगा। पंजाब के मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे दिल्ली के आदेश मानने वाले मुख्यमंत्री की तरह नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों के मुख्यमंत्री की तरह व्यवहार करें।

केएमएम के किसान नेताओं ने साफ कर दिया है कि यदि सरकार टकराव का रास्ता चुनती है, तो उसके परिणामों की पूरी जिम्मेदारी सरकार की ही होगी। किसान तैयार हैं, संघर्ष तैयार है और न्याय मिलने तक यह लड़ाई जारी रखी जाएगी।
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