भारत और अमेरिका के बीच होने वाली फ्री ट्रेड डील के विरोध में 23 जून को यमुनानगर के किसान सड़कों पर उतरेंगे। किसान कन्हैया साहिब चौक से डीसी दफ्तर तक पैदल मार्च करेंगे और मांगें न माने जाने पर बड़े आंदोलन की शुरुआत करेंगे।

परवेज खान, यमुनानगर। भारत और अमेरिका के बीच आगामी 23 जून को होने जा रही फ्री ट्रेड डील के विरोध में यमुनानगर के किसान कन्हैया साहिब चौक से डीसी दफ्तर तक विशाल प्रदर्शन करेंगे। सूचना के अनुसार इस आगामी ट्रेड डील में कई बड़े कृषि समझौते होने की संभावना है, जिसके तहत अमेरिका से अनाज, दूध और अन्य कई प्रकार के कृषि उत्पाद बिना किसी टैक्स के भारतीय बाजारों में आयात किए जाएंगे। देश के कृषि विशेषज्ञों और किसानों का मानना है कि यदि बिना किसी आयात शुल्क के अमेरिका का अनाज भारत में आता है, तो इससे देश के किसानों की बर्बादी पूरी तरह निश्चित है। इसी गंभीर खतरे को देखते हुए जिले के किसान Farmers Protest in Yamunanagar के बैनर तले एकजुट होकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर चुके हैं।

बिना टैक्स कृषि उत्पाद का विरोध

वर्तमान में अमेरिका से एक बड़ा उच्चस्तरीय शिष्टमंडल भारत दौरे पर आया हुआ है और आगामी 23 जून को भारत सरकार व अमेरिका के बीच इस विवादित ट्रेड डील पर अंतिम हस्ताक्षर होने तय माने जा रहे हैं। इस फ्री ट्रेड डील का देशव्यापी स्तर पर विरोध करने के लिए पूरे देश के किसान और मजदूर एकजुट हो गए हैं। इसी कड़ी में हर जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। यमुनानगर में भी सभी किसान अपने हाथों और सिर पर काली पट्टियां बांधकर शांतिपूर्ण लेकिन बेहद आक्रामक तरीके से अपना रोष प्रकट करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सभी आंदोलनकारी सुबह 9:00 बजे कन्हैया साहिब चौक पर एकत्रित होंगे और वहां से पैदल रोष मार्च निकालते हुए लघु सचिवालय स्थित डीसी कार्यालय पहुंचेंगे।

चंडीगढ़ में महापंचायत की तैयारी

किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि भारत सरकार ने इस किसान विरोधी फ्री ट्रेड डील को फाइनल कर दिया, तो आने वाले दिनों में सरकार के खिलाफ एक बहुत बड़ा और कड़ा देशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस रणनीति को लेकर आगामी 25 जून को चंडीगढ़ के अंदर भारत के सभी प्रमुख किसान संगठनों और मजदूर संगठनों की एक बेहद महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक बुलाई गई है। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के द्वारा आयोजित की जा रही इस विशेष बैठक में देश के सभी किसान संगठनों से पुरजोर अपील की जाएगी कि इस घातक ट्रेड डील के विरोध में एक होकर संयुक्त आंदोलन लड़ा जाए। इस बड़े आंदोलन की आधिकारिक रूपरेखा और अंतिम घोषणा भी आगामी 25 जून को चंडीगढ़ की बैठक में सर्वसम्मति से कर दी जाएगी।