फतेहाबाद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए तीन आदतन नशा तस्करों की 62 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है। पुलिस अब तक कुल 33 तस्करों की संपत्तियों पर कानूनी शिकंजा कस चुकी है।
फतेहाबाद। जिले में नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस ने अपना अभियान और तेज कर दिया है। एएसपी दिव्यांशी सिंगला ने जानकारी दी कि पुलिस ने तीन कुख्यात और आदतन नशा तस्करों की 62 लाख 20 हजार रुपये से अधिक मूल्य की अवैध संपत्तियों को फ्रीज करने का बड़ा कदम उठाया है। इन संपत्तियों की वर्तमान बाजार कीमत लगभग 80 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य नशे के अवैध कारोबार से अर्जित की गई संपत्ति को नष्ट करना है। उल्लेखनीय है कि फतेहाबाद पुलिस अब तक कुल 33 नशा तस्करों की करोड़ों रुपये की अवैध संपत्तियों को कानून के दायरे में लाकर फ्रीज करा चुकी है।
तस्करों का बढ़ा आपराधिक इतिहास
पुलिस ने भूना निवासी आकाश उर्फ रिंकू की जांच के दौरान उसकी आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति के प्रमाण जुटाए। आरोपी पर 2019 से 2026 के बीच कई मामले दर्ज हैं, जिसके चलते एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68-F(1) का प्रयोग करते हुए उसके करीब 60 लाख रुपये के मकान को फ्रीज कर दिया गया है। इसी प्रकार, फतेहाबाद शहर क्षेत्र से गिरफ्तार दीपक उर्फ दीपू की 1.50 लाख रुपये की कार भी जब्त की गई है। दीपक 2018 से नशा तस्करी में सक्रिय है और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। ये कार्रवाइयां साबित करती हैं कि तस्करों के पूरे नेटवर्क की वित्तीय कमर तोड़ने की योजना पर काम हो रहा है।
लगातार जारी रहेगी सख्त कार्रवाई
तीसरे मामले में, पुलिस ने हुड्डा चौकी क्षेत्र से गिरफ्तार अतुल उर्फ आशू की 70 हजार रुपये मूल्य की मोटरसाइकिल को एनडीपीएस एक्ट के तहत फ्रीज किया है। अतुल का भी 2018 से लेकर 2026 तक का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। एएसपी दिव्यांशी सिंगला ने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ पुलिस का ‘जीरो टॉलरेंस’ का रुख बरकरार रहेगा। भविष्य में भी आदतन अपराधियों की वित्तीय प्रोफाइलिंग की जाएगी और अवैध कमाई से बनाई गई हर संपत्ति को जब्त किया जाएगा। पुलिस का यह प्रयास न केवल नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए है, बल्कि युवाओं को अपराध से दूर रखने के लिए भी अहम है।

