फतेहगढ़ साहिब। गांव मानूपुर में गेहूं की खड़ी फसल में लगी भीषण आग ने बड़ा नुकसान कर दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि मानूपुर से शुरू होकर तीन गांवों के करीब 70 एकड़ क्षेत्र को अपनी चपेट में लेते हुए मानूपुर रसीलपुर तक पहुंच गई।
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन इस हादसे ने किसानों की सालभर की मेहनत को पलभर में राख कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही शिरोमणि अकाली दल के हलका इंचार्ज बलजीत सिंह भुट्टा ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने प्रभावित किसानों के प्रति गहरी संवेदना जताई और प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि कटाई के सीजन को देखते हुए दमकल सेवाओं के बेहतर इंतजाम होने चाहिए थे, ताकि समय रहते आग पर काबू पाया जा सके।
बलजीत सिंह भुट्टा ने सरकार से मांग की कि नुकसान का तुरंत सर्वे (गिरदावरी) कराया जाए और किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।

किसानों में निराशा का माहौल
कटाई के ठीक पहले हुए इस नुकसान से किसानों में भारी मायूसी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर पुख्ता इंतजाम होते, तो नुकसान कम किया जा सकता था। अब प्रभावित किसान सरकारी मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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