हिसार | शाम ढल रही थी, लेकिन घर का दरवाजा अब भी बंद था। परिवार को लगा शायद थोड़ी देर में सब ठीक हो जाएगा। फोन लगातार मिलाए जा रहे थे, मगर दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं आ रहा था। कुछ देर बाद बेचैनी इतनी बढ़ी कि परिजन खुद गांव वाले घर पहुंच गए… लेकिन अंदर जो था, उसने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।
दरवाजा अंदर से बंद था। पड़ोसियों की मदद से लोग किसी तरह घर में दाखिल हुए। फिर कमरे का बंद दरवाजा तोड़ा गया। जैसे ही दरवाजा खुला, सामने का दृश्य देखकर हर किसी की चीख निकल गई। पंखे से एक युवक लटका हुआ था और उसकी छाती से रस्सी के सहारे मासूम बच्चा बंधा हुआ था। कमरे में मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
यह दर्दनाक घटना Faridabad के बल्लभगढ़ क्षेत्र के दयालपुर गांव की है। जानकारी के अनुसार युवक सागर अपने 5 वर्षीय बेटे रक्षित को चीज दिलाने के बहाने घर से लेकर गया था। परिजनों के मुताबिक दोपहर में उसने पहले बेटे का गला दबाकर हत्या कर दी और फिर बच्चे के शव को रस्सी से अपनी छाती पर बांध लिया। इसके बाद कमरे में लगे पंखे से फांसी लगाकर खुद भी जान दे दी।
परिवार वालों ने बताया कि सागर का स्वभाव झगड़ालू था और इसी कारण परिवार अलग गांव में रहने लगा था। रविवार को भी घर में विवाद हुआ था। देर शाम तक जब वह बच्चे को लेकर वापस नहीं आया और फोन भी नहीं उठाया, तब परिजन दयालपुर स्थित घर पहुंचे।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक जांच में बच्चे की गर्दन पर गला दबाने के निशान मिले हैं। Ballabhgarh Sadar Police Station पूरे मामले की जांच कर रही है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और जिसने भी यह खबर सुनी, उसकी आंखें नम हो गईं।

