उत्तम कुमार, मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर में साइबर ठगों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर एक व्यक्ति से 67 लाख रुपए की ठगी कर ली। साइबर ठगों ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप कॉल के जरिए इस घटना को अंजाम दिया है।

डिजिटल अरेस्ट कर 67 लाख की ठगी

बता दें कि बीते 4 अप्रैल और 6 अप्रैल को साइबर ठगों ने मुजफ्फरपुर के रहने वाले महेश गामी को अपना निशाना बनाया। साइबर ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर पीड़ित को आधार कार्ड में गड़बड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी। इसके साथ ही शातिर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट का डर उनसे 67 लाख रुपए ठग लिए। रुपए ठगे जाने के बाद जब महेश गामी को होश आया, तो उन्होंने साइबर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में साइबर थाना केस नंबर 51/26 दर्ज किया गया।

जांच के लिए विशेष टीम का गठन

घटना की गंभीरता को देखते हुए सीनियर एसपी कांतेश मिश्रा ने सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम में साइबर थाना के डीएसपी रोहन कुमार सहित अन्य साइबर अधिकारी और कर्मी शामिल थे। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए तकनीकी और मानवीय आधार पर जांच शुरू की। विभिन्न बैंक खातों के विश्लेषण के बाद पुलिस साइबर ठगों तक पहुंचने में सफल रही।

बाप-बेटे मिलकर करते थे ठगी

जांच में खुलासा हुआ कि पटना के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले प्रियरंजन शर्मा और अनंत अभिषेक, जो पिता-पुत्र हैं, ने मिलकर इस ठगी की घटना को अंजाम दिया। दोनों एनजीओ के नाम पर साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहे थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इनका नेटवर्क चेन्नई और मुंबई तक फैला हुआ है। चेन्नई में केस नंबर 101/25 और मुंबई में केस नंबर 106/25 दर्ज है। फिलहाल दोनों के आपराधिक इतिहास और साइबर अपराध से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

आरोपियों के पास से कई सामान बरामद

मुजफ्फरपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के पास से 23,900 रुपए नकद, एक लैपटॉप, विभिन्न बैंकों के 19 पासबुक और चेकबुक, तीन मोबाइल, चार मोहर, एक पेन ड्राइव, तीन स्कैनर और कई बैंक से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस इस कार्रवाई को बड़ी सफलता मान रही है।

तुरंत शिकायत दर्ज कराने की अपील

सीनियर एसपी कांतेश मिश्रा ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आज के डिजिटाइजेशन के दौर में अपने दस्तावेज और बैंक खातों की सुरक्षा खुद करना जरूरी है। अगर किसी को जरा भी शक हो कि वह साइबर ठगी का शिकार हो सकता है, तो तुरंत साइबर थाना से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि, ठगी होने के बाद नहीं, बल्कि शुरुआत में ही शिकायत करने से नुकसान से बचा जा सकता है।

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