फाजिल्का। भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित गांव नूरशाह के निकट ड्रेन के पुल पर नाकाबंदी के दौरान एक जवान की मौत हो गई, यह हादसा उनके अचानक पैर फिसलने से हुआ है वह इस दौरान सम्भल नहीं पाए और ड्रेन में गिर गए. अफसोस कि बात यह है कि इस पुल के रेलिंग नहीं थी.
खबर है कि घटना के ब जवानों द्वारा उसे ड्रेन से निकालकर सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. जानकारी देते थाना सदर के प्रभारी हरदेव सिंह बेदी ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि सोमवार रात्रि गांव नूरशाह के निकट बनी ड्रेन में एक जवान का पांव अचानक फिसलने से वह पुल से नीचे गिर गया, जिसको अस्पताल लाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई. इस मामले में उन्होंने मृतक की पत्नी के बयान पर कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवा शव को स्वजनों के हवाले कर दिया है.
मृतक जवान की पहचान 19वीं बटालियन में तैनात एएसआइ लक्खा सिंह के रूप में हुई है, जो पंजाब के फरीदकोट का रहने वाला था. गांव नूरशाह के ग्रामीण सज्जन सिंह, सुखविंद्र ने बताया कि जिस पुल पर यह हादसा हुआ, उस पुल पर लंबे समय से रेलिंग नहीं है. यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं और वह कई बार रेलिंग बनाने की मांग कर चुके हैं. सोमवार को हुआ हादसा भी रेलिंग न होने के कारण हो सकता है. उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द इस पुल की रेलिंग को बनाया जाए.
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