पुरुषोत्तम पात्र, गरियाबंद। उदंती सीतानदी अभ्यारण्य से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए अब रात का सफर मुश्किल होने वाला है। शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक अभ्यारण्य क्षेत्र में सभी तरह के वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक रहेगी। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद अभ्यारण्य प्रशासन ने यह व्यवस्था सालभर के लिए लागू कर दी है।

बता दें कि यह प्रतिबंध नेशनल हाईवे-130C के उस हिस्से पर भी लागू होगा, जो उदंती अभ्यारण्य के भीतर से गुजरता है। रायपुर से देवभोग जाने वाले यात्रियों को अब शाम 7 बजे के बाद इस रास्ते से सफर करने पर वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ेगा।

इंदागांव और तोरेंगा नाका पर शाम 7 बजे से रोक

अभ्यारण्य क्षेत्र में प्रवेश के प्रमुख रास्तों पर स्थित इंदागांव और तोरेंगा बैरियर शाम 7 बजे बंद कर दिए जाएंगे। यहां से सुबह 6 बजे तक किसी भी तरह के वाहन को आगे जाने की अनुमति नहीं होगी।

बताया गया है कि हाईवे का करीब 30 किलोमीटर हिस्सा अभ्यारण्य क्षेत्र में आता है। रात के समय वन्यजीवों की आवाजाही और इंसानों से उनके टकराव को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।

अभी तक यात्री बसों और निजी वाहनों को प्रतिबंध के दायरे से बाहर रखा गया था, लेकिन अब इस छूट को भी खत्म कर दिया गया है। यानी निर्धारित समय के दौरान सभी प्रकार के वाहनों पर रोक रहेगी।

दोनों बैरियर पर CCTV से निगरानी

नियम का पालन कराने के लिए दोनों नाकों पर निगरानी भी बढ़ाई गई है। इंदागांव और तोरेंगा बैरियर पर कैमरों के जरिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि रात के समय वाहनों की आवाजाही पर नजर रखी जा सके।

प्रशासन का उद्देश्य यह भी है कि प्रतिबंध लागू करने के दौरान किसी तरह की अनियमितता या विवाद की स्थिति न बने और बैरियर पर तैनात व्यवस्था की लगातार निगरानी होती रहे।

छह महीने में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं

उदंती सीतानदी अभ्यारण्य के उपनिदेशक वरुण जैन ने रात में वाहनों की आवाजाही पर रोक के निर्देश का पालन किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पिछले छह महीनों में भालू, तेंदुए और दूसरे वन्य प्राणियों के साथ मानव संघर्ष की गंभीर घटनाएं सामने आई हैं।

जैन के मुताबिक, मानव और वन्यजीवों के बीच टकराव को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने रात के समय अभ्यारण्य क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत अब सभी वाहनों पर प्रतिबंध लागू किया जा रहा है।

हालांकि, मेडिकल या ऐसी दूसरी आपात स्थिति, जिसमें सीधे जीवन बचाने की जरूरत हो, उसमें वाहनों को जाने की अनुमति दी जाएगी।

रायपुर-देवभोग के यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी

रात में इस रास्ते से सफर करने वाले यात्रियों पर प्रतिबंध का सीधा असर पड़ेगा। जानकारी के मुताबिक, शाम 7 बजे के बाद रायपुर से देवभोग की ओर जाने वाली पांच से ज्यादा यात्री बसें इस मार्ग से गुजरती हैं।

इसके अलावा ऐसे लोग भी बड़ी संख्या में इस सड़क का इस्तेमाल करते हैं, जो जिला मुख्यालय या राजधानी में काम के सिलसिले में जाते हैं और एक ही दिन में काम निपटाकर देर शाम या रात में वापस लौटते हैं। अब रात के समय हाईवे से आवाजाही बंद होने के कारण उन्हें या तो अपना सफर पहले पूरा करना होगा या फिर वैकल्पिक रास्ते का सहारा लेना पड़ेगा।

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