उत्तर कोरिया ने मंगलवार को दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बाइनेंस में हुई हालिया चोरी में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया. नॉर्थ कोरिया के लीडर किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले साइबर क्राइम मामलों में सीधे नॉर्थ कोरिया का नाम घसीट रहा है. उत्तर कोरिया ने इसे अपने खिलाफ राजनीतिक साजिश और भड़काऊ कृत्य करार दिया है.
FBI ने इस साइबर हमले का जिम्मेदार नॉर्थ कोरिया हैकर्स के ग्रुप ‘ट्रेडरट्रेटर’ को ठहराया था. यह अब तक का सबसे बड़ा क्रिप्टोकरेंसी हेइस्ट (cryptocurrency heist) माना जा रहा है.
नॉर्थ कोरिया ने मंगलवार को अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई की उस जांच के नतीजों को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज ‘बायनैंस’ से हुई भारी क्रिप्टोकरेंसी चोरी के लिए प्योंगयांग को जिम्मेदार ठहराया गया था.
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग ने यह टिप्पणी की है. उन्होंने अमेरिकी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के शनिवार के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें कहा गया है कि ‘बायनैंस’ के जरिए 6 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की क्रिप्टोकरेंसी चोरी के लिए उत्तर कोरियाई शासन जिम्मेदार है.
किम यो-जोंग ने कहा कि “यह उत्तर कोरिया के खिलाफ एक गंभीर राजनीतिक साजिश है. अमेरिका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबको गुमराह कर रहा है, मानो दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले सभी साइबर अपराध हमारे ही किए धरे हों.”
क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बाइनेंस ने शुक्रवार को बताया था कि हैकरों ने 6 अरब डॉलर से अधिक की क्रिप्टोकरेंसी चुरा ली है. इसके बाद अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (FBI) ने कहा था कि इस चोरी को उत्तर कोरियाई हैकरों ने अंजाम दिया. FBI ने इस हमले के लिए ट्रेडरट्रेटर नाम के हैकिंग समूह को जिम्मेदार ठहराया था.
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका के नेतृत्व वाले कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद नॉर्थ कोरिया अपनी इकोनॉमी को संभालने और न्यूक्लियर प्रोग्राम की फंडिंग के लिए क्रिप्टो चोरी और अवैध साइबर गतिविधियों का सहारा लिया है.
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