पटना। राजधानी के कंकड़बाग इलाके में अग्निशमन विभाग ने सुरक्षा मानकों के प्रति लापरवाही बरतने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है। अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी अजीत कुमार के नेतृत्व में विभाग की टीम ने आज कुल 17 होटल्स और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कई गंभीर चूकें सामने आई हैं।
सुरक्षा दांव पर: एक्सपायर हो चुके फायर एक्सटिंग्विशर
निरीक्षण के दौरान विभाग की टीम ने पाया कि अधिकांश होटलों में सुरक्षा के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है। टीम ने जब होटल रॉयल पैलेस हंग्री हाउस रेस्टोरेंट और होटल पैनेसिया जैसे प्रमुख प्रतिष्ठानों के अग्निशमन उपकरणों की जांच की, तो दंग रह गई। वहां रखे गए फायर एक्सटिंग्विशर की एक्सपायरी डेट एक साल पहले ही समाप्त हो चुकी थी। आपातकालीन स्थिति में ये उपकरण पूरी तरह से निष्प्रभावी साबित होते।
मानकों की अनदेखी और खामियों की फेहरिस्त
अग्निशमन विभाग की जांच में केवल अग्निशमन उपकरणों की ही नहीं, बल्कि पूरी बिल्डिंग के डिजाइन में भी भारी कमियां पाई गईं:
- साइनेज का अभाव: एंट्री और एग्जिट गेट पर दिशा-निर्देश देने वाले संकेत (साइनेज) पूरी तरह गायब थे।
- बनावट में कमी: सीढ़ियों की चौड़ाई और गैलरी का आकार भी निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।
- जल भंडारण: आग बुझाने के लिए अनिवार्य पानी की टंकी भी मानकों के मानकों के अनुसार नहीं थी।
- अवैध सर्टिफिकेट: कई प्रतिष्ठानों ने जो फायर एनओसी (NOC) प्रस्तुत की, वह भी एक साल पहले ही लैप्स हो चुकी थी।
कार्रवाई की चेतावनी और मोहलत
इस औचक निरीक्षण के बाद अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी अजीत कुमार ने स्पष्ट किया कि वरीय अधिकारियों के निर्देशानुसार यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। पकड़े गए सभी 17 प्रतिष्ठानों को कड़ी चेतावनी के साथ नोटिस जारी किया गया है।
विभाग ने इन संचालकों को सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 7 से 15 दिनों का समय दिया है। अधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी सुरक्षा खामियों को दूर नहीं किया गया, तो अगली कार्रवाई में बिना किसी ढिलाई के संबंधित इमारतों को सील कर दिया जाएगा। यह कार्रवाई पटना के अन्य इलाकों में भी होटलों और मॉल के मालिकों के लिए एक चेतावनी है।

