फिरोजपुर। पंजाब के फिरोजपुर के अंतर्गत आने वाले गांव फिरोजशाह के टोल प्लाजा पर उस समय भारी हंगामा और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक स्थानीय किसान ने टोल प्लाजा की जमीन के कुछ हिस्से पर अपना मालिकाना हक जताते हुए वहां मिट्टी डाल दी और धान (जीरी) की बुआई कर दी।

किसान के इस अचानक उठाए कदम से मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। सूचना मिलते ही पुलिस और नागरिक प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए किसानों के साथ बातचीत में जुट गईं।

साल 2018 से लटका है जमीन का विवाद

यह पूरा मामला साल 2018 का है, जब इस इलाके में टोल प्लाजा के निर्माण का काम शुरू किया जा रहा था। उस समय टोल प्लाजा के दायरे में किसानों की निजी जमीन का कुछ हिस्सा आ गया था। इसके बाद से ही जमीन के मालिकाना हक और मुआवजे को लेकर लगातार दावे और आपत्तियां चल रही थीं। लंबे समय से अटका यह मामला बाद में अदालत के दरवाजे तक भी पहुंचा, लेकिन कोई ठोस हल न निकलने के कारण आखिरकार किसानों के सब्र का बांध टूट गया।

मजबूरी में उठाया कदम, बंद किया रास्ता

इंसाफ न मिलने से नाराज किसानों ने आज टोल प्लाजा के उसी विवादित हिस्से पर, जिस पर वे अपना कानूनी दावा कर रहे हैं, ट्रैक्टरों की मदद से मिट्टी डाल दी। इसके बाद वहां धान की बुआई कर रास्ते को पूरी तरह से बंद करने का बड़ा फैसला ले लिया। जैसे ही इस औचक कार्रवाई की भनक उच्चाधिकारियों को लगी, तुरंत भारी पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया।

अपनी जिद पर अड़े किसान, माहौल तनावपूर्ण

वर्तमान में फिरोजशाह टोल प्लाजा पर माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है। एक तरफ जहां किसान उक्त जमीन पर अपना हक छोड़ने को तैयार नहीं हैं और अपनी मांग पर अड़े हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किसानों को समझाने-बुझाने और शांत करने के लिए लगातार बातचीत का दौर चलाया जा रहा है, ताकि इस संवेदनशील मसले का कोई बीच का और शांतिपूर्ण रास्ता निकाला जा सके।