Lifestyle Desk – जीवन में डर तनाव, बीमारी और असफलता जैसी चुनौतियां कभी न कभी हर किसी इंसान के सामने आती हैं। बजरंगबली को संकटमोचन माना गया है। जिनकी साधना से हर प्रकार के संकट दूर होते हैं। परंपराओं में अलग-अलग परिस्थितियों और समस्याओं के निवारण के लिए अलग-अलग मंत्रों का उल्लेख मिलता है। सही समय और सही स्थिति में सही मंत्र का जाप करने से जीवन की परेशानियों का समाधान आसानी से निकाला जा सकता है।

संकट के अनुसार करें मंत्र का जाप
1.डर चिंता और संकट से उबरने के लिए मंत्र
ओम हं हनुमते नमः’ या ‘संकट कटे मिटे सब पीरा, जो सुमिरै हनुमत बलबीरा’
इस मंत्र का जप बिना किसी वजह के अज्ञात भय सताए रात में डरावने स्वप्न आएं या किसी अनहोनी की आशंका हो। किसी भी प्रकार की अचानक आई विपत्ति या मानसिक घबराहट के समय इस मंत्र का जाप करने से तुरंत आत्मबल और मानसिक शांति मिलती है।
2.स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से राहत के लिए मंत्र
नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा।
अगर परिवार का कोई सदस्य लंबे समय से किसी बीमारी से पीड़ित है और दवाइयों का असर कम हो रहा हो तो इस चौपाई का निरंतर जाप बहुत लाभकारी माना जाता है। ध्यान लगाते हुए इस मंत्र का जाप करने से शारीरिक और मानसिक कष्टों से राहत मिलती है।
3.शत्रु बाधा दूर करने और सुरक्षा के लिए मंत्र
ओम पूर्वकपिमुखाय पञ्चमुखहनुमते नं मं शिं शं षं हं क्रों खें खें हों ठं ठं ठं ठं ठं स्वाहा’
जब कार्यस्थल या व्यक्तिगत जीवन में विरोधी परेशान कर रहे हों या आसपास नकारात्मक ऊर्जा का असर महसूस हो रहा हो। पंचमुखी रूप के ध्यान के साथ इस मंत्र का जाप करने से एक अभेद्य सुरक्षा कवच निर्मित होता है।
4.रोजगार और व्यवसाय में सफलता के लिए मंत्र
अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता, अस वर दीन्ह जानकी माता।
अगर नौकरी या व्यापार में बार-बार समस्याएं उत्पन्न हो रही हों कड़ी मेहनत के बाद भी सफलता या प्रमोशन नहीं मिल रही हो। सुबह के समय इस मंत्र का जाप करने से कार्यक्षेत्र में प्रगति के नए रास्ते खुलते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
5.शिक्षा और बौद्धिक विकास के लिए
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश बिकार॥’
विद्यार्थियों के लिए अध्ययन शुरू करने से पहले इन लाइनों का जाप करना विशेष फलदायी है। इससे मन शांत होता है स्मरण शक्ति बढ़ती है और पढ़ाई में ध्यान केंद्रित होता है।
6.मंत्र जाप करते समय रखें शुद्धता का ध्यान
पूजा और मंत्र जाप के दौरान स्वच्छता का बहुत ध्यान रखना चाहिए।
जिस दिन विशेष जाप करें उस दिन सात्विक आहार लें और संयम का पालन करें।
जाप के लिए उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें और लाल रंग के सूती या ऊनी आसन का प्रयोग करें।
साधना में सबसे महत्वपूर्ण आपकी एकाग्रता और मन का भाव है। सच्चे मन से किया गया जाप जल्दी सकारात्मक परिणाम प्रदान करता है।



