MP Weather Update: संजय पाटीदार, भोपाल। मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश अब कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ा रही है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते नदियों का जलस्तर तेजी से ऊपर जा रहा है। नर्मदा नदी का पानी महज 48 घंटे में करीब 10 फीट बढ़ गया है। कई छोटे पुल पानी में डूब चुके हैं, जबकि निचले इलाकों में घरों तक पानी पहुंचने लगा है। प्रदेशभर में अब तक 527 बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। बारिश से बिगड़ते हालात को देखते हुए भोपाल और गुना में बुधवार को स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। राजधानी में लगातार दूसरे दिन भी कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। शहर में महज दो दिनों के भीतर करीब 8 इंच बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।

इंदौर संभाग के 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

प्रदेश में बनी मजबूत मौसम प्रणाली का असर बुधवार को भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना है। तेज बारिश के चलते नदी-नालों के उफान पर आने और निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा भी बढ़ गया है। राजधानी भोपाल में लगातार बारिश के चलते हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। शहर के करीब 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी भर गया। कई प्रमुख सड़कें घंटों तक आवाजाही के लिए बंद रहीं। कुछ इलाकों में बिजली के ट्रांसफार्मर और वितरण पेटियां भी पानी से घिर गईं, जिसके बाद एहतियात के तौर पर बिजली सप्लाई बंद करनी पड़ी। मंगलवार रात राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर करीब एक फीट पानी भर जाने से यातायात प्रभावित हुआ। वहीं न्यू पुलिस लाइन स्टेशन रोड पर पानी से भरे गड्ढे में बच्चों को लेकर जा रही स्कूली वैन भी फंस गई।

नर्मदा का जलस्तर तेजी से बढ़ा

लगातार बारिश के बीच नर्मदा नदी के बढ़ते जलस्तर ने भी प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर नर्मदा का जलस्तर 946.40 फीट दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि पिछले 48 घंटे में नदी का जलस्तर करीब 10 फीट बढ़ चुका है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। राजगढ़ के ब्यावरा में करीब 9 इंच बारिश हुई। खिलचीपुर में 8 इंच और जीरापुर में 7.7 इंच पानी गिरा। राजगढ़ शहर में 4.4 इंच, जबकि नरसिंहपुर और पचोर में 3.7 इंच तथा सारंगपुर में 3.6 इंच बारिश दर्ज की गई।

इन मौसम प्रणालियों के कारण बारिश का दौर जारी

इसी तरह आगर-मालवा के सोयतकलां में 7.7 इंच, आगर में 3.6 इंच और शाजापुर के गुलाना में 3.8 इंच बारिश हुई। गुना के कुंभराज में 3.7 इंच और शाजापुर शहर में 3.4 इंच पानी रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, इंदौर क्षेत्र में निम्न दाब क्षेत्र और मानसून की द्रोणिका सक्रिय है। इसके साथ ही दक्षिणी हिस्से से भी एक द्रोणिका गुजर रही है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से पिछले 72 घंटे से प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी है।

45 जिलों में बारिश सामान्य से कम

वहीं उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवात भी सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से करीब 12 अगस्त के आसपास एक और निम्न दाब क्षेत्र बनने की संभावना है। ऐसे में अगले चार दिन मध्यप्रदेश के मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे है। लगातार बारिश के बावजूद मध्यप्रदेश के 45 जिलों में बारिश सामान्य से कम है। पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में करीब 18 प्रतिशत तक बारिश की कमी बनी हुई है। प्रदेश के कई जिलों में सामान्य के मुकाबले 4 से 52 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। पश्चिमी मध्यप्रदेश के भी कई जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। यहां 5 से 46 प्रतिशत तक कम बारिश रिकॉर्ड हुई है।

हालांकि भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन में बारिश सामान्य से अधिक हुई है। जून महीने में मध्यप्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में बारिश ने रफ्तार जरूर पकड़ी, लेकिन मानसून में दो बार ब्रेक आने के कारण जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। जुलाई का बारिश कोटा भले ही पूरा हो गया हो, लेकिन पूरे मानसून सीजन में प्रदेश अभी भी सामान्य से करीब 13 प्रतिशत पीछे चल रहा है। मध्यप्रदेश में पूरे मानसून सीजन के दौरान सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है। वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 38 से 39 इंच रहती है।

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