नेपाल में तो प्राकृतिक आपदा कम मानो जैसे होने का नाम नहीं ले रही है. आज “सवेरे-सवेरे” नेपाल के गोरखा जिले में फिर से भयानक बाढ़ देखने को मिली. नेपाल में बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आयी तेज बाढ़ में गोरखा जिले में 3 पुल बह गए और कई घरों में पानी घुस गया. नेपाल के आपदा प्रबंधन विभाग ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों को चेतावनी दी है. इससे जान माल के काफी नुकसान हुआ है.
नेपाल पहले ही 26 अगस्त को एक विनाशकारी अचानक बाढ़ की भयानक त्रासदी देख चुका है, जिसमें हजारों लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी.
नेपाल में एक बार फिर आयी प्राकृतिक आपदा ने लोगों के मन में ‘सिहरन’ पैदा कर दिया है. नेपाल के गोरखा जिले में बूढ़ी गंडक नदी में आई अचानक बाढ़ ने एक बार फिर से तबाही मचाई है. इस बार बूढ़ी गंडकी नदी में आई बाढ़ किसी विनाश की तरह दौड़ पड़ी है.
रविवार सुबह गोरखा में बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई इस बाढ़ से चुमनुबरी और धारचे ग्रामीण नगरपालिकाओं में बस्तियों, पुलों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है.
नेपाल पुलिस के मुताबिक, चुमनुब्री-6 में लोकपा और चुमलिंग के बीच पहाड़ से मिट्टी और पत्थर गिरने के कारण नदी का रास्ता बंद हो गया था. इसके बाद आई बाढ़ से कई इलाकों में नुकसान हुआ. प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की चेतावनी है कि जब तक बाढ़ का पानी कम नहीं हो जाता और स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक लोग नदी के आसपास जाने से बचें.
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिमालय पर बढ़ते खतरे का मुद्दा उठाया था. उन्होंने अगस्त की बाढ़ के बाद मदद करने के लिए भारत और चीन को धन्यवाद दिया था.
इससे पहले नेपाल में 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में भी भारी बाढ़ आई थी. इसमें 1,400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई और 6,000 से ज्यादा लोग लापता हुए. इस विनाशकारी बाढ़ से नेपाल को करीब 1.66 अरब अमेरिकी डॉलर का सीधा आर्थिक नुकसान हुआ.
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