आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयोग (APSEC) ने बुधवार को राज्य के सभी 100 शहरी स्थानीय निकायों में चल रही चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी. यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उठाया गया है. इनमें 13 नगर निगम और 87 नगरपालिकाएं तथा नगर पंचायतें शामिल हैं. आधिकारिक बयान बुधवार देर रात जारी किया गया. ऐसे में निर्वाचन आयोग अब नामांकन की समयसीमा बढ़ाने समेत आगे के कदमों पर विचार करेगा.
इस फैसले पर एनडीए ने कहा कि वह आयोग के फैसले का सम्मान करती है लेकिन विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) पर चुनाव रोकने की साजिश रचने का आरोप लगाया है.
सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि वह राज्य में होने वाले शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के लिए उम्मीदवारों की अंतिम लिस्ट 26 अक्टूबर तक जारी नहीं करे. बुधवार देर शाम जारी एक आधिकारिक आदेश में, आयोग ने कहा कि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के 21 अक्टूबर के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। चुनाव आयोग, जिला कलेक्टरों, जिला चुनाव अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों से रिपोर्ट मिलने के बाद गुरुवार को एक और आदेश जारी करेगा.
इसके बाद मुख्यमंत्री और टीडीपी प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री और जनसेना प्रमुख पवन कल्याण और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष पीवीएन माधव ने संयुक्त बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार चुनाव को पारदर्शी, लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए प्रतिबद्ध है.
राज्य चुनाव आयुक्त अनिल चंद्र पुनेथा ने बुधवार को कहा, “सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को देखते हुए राज्य चुनाव आयोग (SEC) आदेश देता है कि राज्य के सभी 100 शहरी स्थानीय निकायों (ULB) में चुनाव प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए।”
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