परवेज खान,यमुनानगर। वन विभाग के उच्चाधिकारियों ने छछरौली क्षेत्र के जंगलों और नर्सरियों का दो दिवसीय दौरा कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों ने जंगलों को आग से सुरक्षित रखने, अवैध कटान और खनन पर कड़ी रोक लगाने तथा वन्य जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए।

शुक्रवार शाम को कलेसर नेशनल पार्क रेंज मुख्यालय में अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वानिकी) डॉ. टीपी सिंह ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक की। बैठक में जंगलों की सुरक्षा व्यवस्था, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और वन्य जीव संरक्षण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

रात्रि गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश की सीमाओं के स्पष्ट निर्धारण के लिए राजस्व विभाग के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही रात्रि गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।

अधिकारियों ने कलेसर रेंज के बोम्बेपुर, प्रतापनगर तथा छछरौली क्षेत्र की नर्सरियों का निरीक्षण कर पौधों के रख-रखाव और आगामी पौधारोपण तक उनकी उचित देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा जाटांवाला जंगल में बनाए गए मिट्टी के बांध (डैम) और जल स्रोतों का भी जायजा लिया गया।

जल स्रोतों के संरक्षण और नए जल स्रोत विकसित करने दिए निर्देश
वन्य जीवों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने हेतु जल स्रोतों के संरक्षण और नए जल स्रोत विकसित करने पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने वन्य जीव विहार क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और आवश्यक सुधार के निर्देश भी जारी किए।