ब्लैकलिस्टेड कंपनी के चयन और भर्ती प्रक्रिया को लेकर SIT के सवाल, पासपोर्ट जब्त किए जाने की भी चर्चा

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच तेज हो गई है। मामले में पूछताछ के लिए आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते बुधवार को लगातार दूसरे दिन सीआईडी मुख्यालय पहुंचे। इससे पहले मंगलवार को भी उनसे करीब आठ घंटे तक विशेष जांच दल (SIT) ने पूछताछ की थी। इस दौरान उनका पासपोर्ट जब्त किए जाने की भी चर्चा है, हालांकि सीआईडी की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

भर्ती प्रक्रिया और ब्लैकलिस्टेड कंपनी पर पूछताछ

सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने एल. खियांग्ते से भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, ब्लैकलिस्टेड कंपनी के चयन और उससे जुड़े निर्णयों को लेकर कई सवाल पूछे। जांच एजेंसी ने यह भी जानने की कोशिश की कि टीडीपीएल के तत्कालीन मार्केटिंग मैनेजर और वर्तमान में खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी अभय तिवारी से उनके क्या संबंध थे। इसके अलावा उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता के तबादले के बाद भी जेपीएससी में बने रहने को लेकर भी सवाल किए गए।

21 जुलाई को दिया था इस्तीफा

एल. खियांग्ते ने 21 जुलाई 2026 को जेपीएससी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद आयोग में अध्यक्ष का पद रिक्त है। अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होने के कारण आयोग फिलहाल नई परीक्षाएं आयोजित करने और परिणाम जारी करने जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में असमर्थ है।

नए अध्यक्ष की नियुक्ति पर सरकार का मंथन

सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार जेपीएससी के नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर मंथन कर रही है। संभावना है कि 6 अगस्त से पहले नए अध्यक्ष की नियुक्ति कर दी जाए या तब तक किसी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को आयोग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाए, ताकि आयोग का कामकाज प्रभावित न हो।

विधानसभा सत्र से पहले हो सकता है फैसला

गौरतलब है कि इससे पहले भी डॉ. मेरी नीलिमा केरकेट्टा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद जेपीएससी अध्यक्ष का पद करीब पांच महीने तक खाली रहा था। अब एक बार फिर अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ गया है। आगामी विधानसभा मानसून सत्र में विपक्ष इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाने की तैयारी में है। ऐसे में सरकार भी जल्द निर्णय लेकर आयोग के कामकाज को सामान्य करने की दिशा में कदम उठा सकती है।