सतीश सिंह, लखनऊ. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को 5, कालिदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर तिरंगा फहराकर प्रदेशवासियों को बधाई दी. अपने संबोधन में उन्होंने आजादी को महज राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित मानने के बजाय इसे अराजकता, गरीबी, अशिक्षा, पिछड़ेपन और असमानता से मुक्ति का व्यापक संकल्प बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी को सुरक्षित और सार्थक बनाए रखने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक की है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आजादी लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है. देश भले ही विदेशी दासता में चला गया था, लेकिन भारतीय समाज ने कभी मानसिक रूप से गुलामी स्वीकार नहीं की. अलग-अलग समय और क्षेत्रों में अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष होते रहे और 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम इस सामूहिक प्रतिरोध का बड़ा पड़ाव बना. मंगल पांडेय, रानी लक्ष्मीबाई, धनसिंह कोतवाल समेत असंख्य रणबांकुरों ने स्वतंत्रता की लौ को आगे बढ़ाया.
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योगी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल ध्वजारोहण और समारोह का अवसर नहीं है. यह आत्ममंथन का दिन भी है कि देश ने आजादी के जिन लक्ष्यों को लेकर यात्रा शुरू की थी, उनमें कितना आगे बढ़े और अभी क्या हासिल करना बाकी है. उन्होंने कहा कि देश को लंबे समय तक स्वतंत्र और मजबूत बनाए रखना है तो 140 करोड़ भारतीयों को अपने-अपने क्षेत्र में योगदान देना होगा. किसी एक व्यक्ति, जाति या संप्रदाय के प्रयास से राष्ट्र मजबूत नहीं हो सकता. सामूहिकता ही भारत की सबसे बड़ी शक्ति है.
आठ दशकों में बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में देश के सामने गरीबी, अशिक्षा, पिछड़ापन, असमानता और अराजकता जैसी बड़ी चुनौतियां थीं. पिछले आठ दशकों में इनमें से अनेक समस्याओं का समाधान हुआ है. बहुआयामी गरीबी से करोड़ों लोगों के बाहर आने, शिक्षा के विस्तार और बिना भेदभाव सरकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिक तक पहुंचने को उन्होंने बदलते भारत की तस्वीर बताया. उन्होंने कहा कि देश में मेडिकल कॉलेज और एम्स की संख्या बढ़ी है, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा हुआ है और रेलवे कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है. मेट्रो, रैपिड रेल, वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत जैसी परियोजनाएं परिवहन के क्षेत्र में बदलाव की प्रतीक बन रही हैं.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के साथ उन ताकतों से भी सतर्क रहना होगा, जो भारत को कमजोर करना चाहती हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘चार जातियों’—गरीब, युवा, महिला और किसान—के विकास के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन वर्गों को केंद्र में रखकर योजनाएं तैयार की गईं और उनका लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत हुई है. योगी ने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचा है. युवाओं के लिए मिशन रोजगार और आधुनिक तकनीक से जोड़ने के नए अवसर तैयार किए गए हैं. स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन और बुनियादी ढांचे में हुए बदलावों ने आम आदमी के जीवन को आसान बनाने में भूमिका निभाई है.
जब भारत एक स्वर में आगे बढ़ता है तो परिणाम भी बड़े होते हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने जब भी सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन किया, तब बड़े परिणाम सामने आए. स्वतंत्रता आंदोलन में महाराणा प्रताप, गुरु गोविंद सिंह और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे महानायकों से लेकर 1857 के क्रांतिकारियों तक सभी के संघर्ष का मूल उद्देश्य विदेशी दासता से मुक्ति था. उन्होंने चौरीचौरा और काकोरी ट्रेन एक्शन जैसे आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि क्रांतिकारियों ने स्वतंत्रता की भावना को लगातार जीवित रखा. महात्मा गांधी, सरदार वल्लभ भाई पटेल, डॉ. भीमराव आंबेडकर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस समेत राष्ट्रनिर्माताओं को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के लिए बलिदान देने वालों के साथ स्वतंत्र भारत की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाले जवानों का योगदान भी हमेशा स्मरणीय रहेगा.
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स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस के शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार को भी याद किया. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था और अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को जमीन पर लागू करते हुए इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया. उन्हें मिला कीर्ति चक्र उत्तर प्रदेश पुलिस के शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का भी सम्मान है. मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति के वीरता पुरस्कार से सम्मानित उत्तर प्रदेश के अन्य पुलिस अधिकारियों और कार्मिकों को भी बधाई दी. उन्होंने कहा कि देश को आत्मनिर्भर और विकसित भारत बनाने का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब प्रत्येक नागरिक अपने दायित्व को ईमानदारी से निभाए.
विधान भवन के सामने देशभक्ति के रंग में रंगा समारोह
स्वतंत्रता दिवस पर विधान भवन के सामने आयोजित कार्यक्रम में सांस्कृतिक कलाकारों ने देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम प्रस्तुत कर माहौल को भावपूर्ण बना दिया. कार्यक्रम में पहली बार वंदेमातरम का सामूहिक गायन भी हुआ. इस दौरान शहीदों के परिवारों को सम्मानित किया गया. ध्वजारोहण के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी की विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना और भारत की विकास यात्रा को और मजबूत करना ही स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.


