अजय सैनी, भिवानी। हरियाणा के भिवानी से सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता की एक अनूठी तस्वीर सामने आई है। देशभर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के उद्देश्य से चल रहे गौ सम्मान आह्वान अभियान को अब मुस्लिम समुदाय का भी खुलकर समर्थन मिलने लगा है। भिवानी के मुस्लिम समाज ने इस अभियान के साथ जुड़ते हुए इसे जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया है।

भिवानी के हांसी गेट स्थित चित्रकूट वाटिका में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों और गौरक्षा दल के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से अभियान को आगे बढ़ाने की रणनीति साझा की। इस दौरान वृंदावन से पहुंचे गौभक्त स्वामी रामतीर्थ दास महाराज भी मौजूद रहे।
मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधि जोरावर अली ने कहा कि गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और साझा विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गौहत्या पर पूरे देश में प्रतिबंध लगना चाहिए और गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भिवानी का मुस्लिम समाज इस अभियान में पूरी भागीदारी निभाएगा और लोगों को जोड़ने के लिए घर-घर संपर्क करेगा।
जोरावर अली ने कहा कि सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए सभी वर्गों को साथ आना चाहिए। उनका कहना था कि यह पहल आपसी भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को और मजबूत करेगी।
वहीं स्वामी रामतीर्थ दास महाराज ने मुस्लिम समुदाय के समर्थन का स्वागत करते हुए कहा कि गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत देशभर में 27 जुलाई तक 20 करोड़ हस्ताक्षर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक समाज या वर्ग का अभियान नहीं, बल्कि पूरे देश की भावना से जुड़ा जनआंदोलन है।
उन्होंने कहा कि देशभर में चल रहे जनजागरूकता अभियान को लगातार समर्थन मिल रहा है। भिवानी से मिला यह सहयोग अभियान को नई ऊर्जा देगा। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक संरक्षण और जनभागीदारी पर भी जोर दिया।
भिवानी में आयोजित यह कार्यक्रम भाईचारे, सहयोग और सामाजिक एकता का मजबूत संदेश देकर चर्चा का विषय बना हुआ है।

