गौरव जैन, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। मरवाही वनमंडल के गौरेला वन परिक्षेत्र में रेत परिवहन और कथित अवैध वसूली को लेकर विवाद सामने आया है। जिला पंचायत सदस्य पवन पैकरा, भाजपा किसान मोर्चा के बृजलाल राठौर और कुछ रेत विक्रेताओं ने गौरेला रेंजर के खिलाफ शिकायत करते हुए मामले की जांच की मांग की है। शिकायत पत्र कलेक्टर और मरवाही वनमंडल के DFO को सौंपने के साथ मुख्यमंत्री के नाम भी भेजा गया है।

शिकायत में गौरेला रेंजर ज्योत्स्ना पाण्डेय पर रेत कारोबारियों से कथित तौर पर अवैध वसूली और रेत परिवहन से जुड़े मामलों में अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने इन आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
निजी ड्राइवर के जरिए वसूली का आरोप
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि रेंजर के निजी ड्राइवर राहुल जायसवाल के माध्यम से क्षेत्र में रेत परिवहन करने वाले वाहनों से कथित रूप से पैसे की वसूली की जाती है। शिकायत में दावा किया गया है कि रेत से लदे ट्रैक्टरों को पकड़ने के बाद कथित तौर पर 40 से 50 हजार रुपये तक का सौदा कर छोड़ दिया जाता है। इस दौरान एक पीड़ित युवक ने 10,000 रुपये भूगतान करने का स्क्रीनशॉट भी मीडिया को दिखाया।

शिकायतकर्ताओं ने संबंधित मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और कथित लेनदेन की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे लगाए गए आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकती है।

इसके अलावा यह भी आरोप लगाया गया है कि जो वाहन मालिक कथित रूप से साप्ताहिक राशि नहीं देते, उनके वाहनों के खिलाफ ही कार्रवाई की जाती है। हालांकि, इन सभी आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
रेत के अवैध परिवहन को लेकर भी सवाल

भाजपा नेताओं और रेत विक्रेताओं ने क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध रेत परिवहन का आरोप लगाया है। शिकायत में अंतरराज्यीय सीमा के पार रेत की कथित अवैध सप्लाई का भी उल्लेख किया गया है।

शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, आवास निर्माण के लिए रेत ले जाने वाले कुछ लोगों से भी कथित तौर पर दबाव बनाकर पैसे वसूले जाने के मामले सामने आए हैं। वहीं वन क्षेत्र के खुले रास्तों पर करीब 1,000 ट्रिप रेत डंप कर अवैध रूप से बिक्री किए जाने का आरोप भी शिकायत में लगाया गया है।

इसके अलावा गौरेला रेंजर पर वन क्षेत्र के साथ-साथ PWD और मुख्य मार्गों पर गिट्टी, मुरूम और रेत परिवहन करने वाले वाहनों के चालकों को कथित रूप से डराने-धमकाने और पैसे वसूलने के आरोप लगाए गए हैं।
स्वतंत्र जांच और संपत्तियों की जांच की मांग
जिला पंचायत सदस्य पवन पैकरा, भाजपा किसान मोर्चा के बृजलाल राठौर और रेत संचालकों ने मुख्यमंत्री से मामले की किसी वरिष्ठ एवं स्वतंत्र अधिकारी से जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं ने रेंजर, उनके करीबियों और कथित तौर पर जुड़े ड्राइवर की संपत्तियों की जांच के साथ मौके का भौतिक सत्यापन कराने की मांग भी की है। उनका कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
DFO ने कहा- जांच के बाद होगी कार्रवाई

मरवाही वनमंडल के DFO निशांत कुमार ने विभागीय कर्मचारियों द्वारा इस तरह की कथित वसूली के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में तथ्य सामने आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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