Bihar News: गया के धनगांई इलाके में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। दरअसल जंगल में चल रही तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया हथियारों का एक बड़ा जखीरा मिला है। दरअसल बिहार-झारखंड सीमा के करीब जंगल में हथियार छिपाए जाने की सूचना मिलने के बाद SSB और स्थानीय पुलिस की टीम ने आज बुधवार तड़के सर्च ऑपरेशन शुरू किया था, जिस दौरान यह सफलता मिली।

तलाशी के दौरान जवानों की नजर जंगल में एक ऐसी जगह पर पड़ी, जहां जमीन कुछ संदिग्ध नजर आ रही थी। शक होने पर टीम ने वहां खुदाई कराई। जमीन हटाते ही प्लास्टिक में पैक किया हुआ सामान मिला। जांच करने पर उसमें हथियार और कारतूस रखे होने का पता चला। इस दौरान मौके से सुरक्षा बलों ने 9 एमएम कार्बाइन के साथ 2 मैगजीन, 1 देशी कट्टा, देशी भरमार राइफल और 2 मैगजीन वाली पिस्तौल बरामद किया। इसके अलावा संचार के लिए इस्तेमाल होने वाला वॉकी-टॉकी भी मौके से मिला।

हथियारों के साथ कारतूसों का भी बड़ा स्टॉक मिला है। बरामदगी में नाइन एमएम के 79 और 7.62 एमएम के 13 कारतूस शामिल हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हथियारों को गड्ढा खोदकर जमीन के अंदर इस तरह दबाया गया था कि लंबे समय तक वे सुरक्षा बलों की नजर से बचे रहें।

इतनी संख्या में हथियार और कारतूस मिलने के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन्हें जंगल में आखिर किसने और किस मकसद से छिपाया था। सुरक्षा एजेंसियां बरामद हथियारों से जुड़े लोगों और संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लग गई हैं। इसके साथ ही आसपास के इलाकों में सर्च अभियान भी तेज कर दिया गया है।

बता दें कि यह पूरा सर्च ऑपरेशन SSB के उप कमांडेंट रवि भूषण की अगुवाई में चलाया गया। धनगांई थानाध्यक्ष श्रवण राम और SSB की 29वीं वाहिनी के धनगांई कैंप में तैनात सहायक कमांडेंट सनोज कुमार समेत पुलिस और SSB के जवान अभियान में शामिल रहे। तिलेटाड़ से हिसीर की ओर जाने वाले रास्ते के पास जंगल में हुई इस बरामदगी के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस अब हथियारों के स्रोत के साथ-साथ यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

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