अजयारविंद नामदेव, शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल में एक बार फिर Gen-Z अल्फा के छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। जर्जर स्कूल भवन में पढ़ाई, ऊपर से बारिश में छत से टपकता पानी और क्लासरूम में जलभराव ने छात्रों का सब्र तोड़ दिया। नई बिल्डिंग बनकर तैयार है, लेकिन हैंडओवर नहीं होने के कारण बच्चे आज भी पुराने जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर हैं। आखिरकार कक्षा 11वीं आर्ट के छात्र-छात्राएं स्कूल से पैदल कलेक्ट्रेट पहुंच गए और कलेक्टर से दो टूक कहा,पहले हमारी समस्या सुनिए साहब, गौरतलब है कि एक दिन पहले ही माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर,सोहागपुर-कंचनपुर की बड़ी संख्या में छात्राएं हॉस्टल से बाहर निकल गई थीं, छात्राएं खेत और सड़क पार करते हुए करीब 8 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंची थीं और कलेक्टर के सामने अपनी समस्याएं रखने की जिद पर अड़ी रही। 

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 छात्रों का आरोप है कि उन्हें जर्जर स्कूल भवन में बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है, जहां बारिश के दौरान छत से पानी टपकता है और कई बार क्लासरूम में पानी तक भर जाता है। बारिश के बीच पानी टपकते क्लासरूम में पढ़ाई करने को मजबूर छात्रों का कहना है कि किताब-कॉपी और पढ़ाई दोनों प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे हालात में किसी अनहोनी की आशंका भी बनी रहती है। इसी समस्या को लेकर कक्षा 11वीं आर्ट के छात्र-छात्राएं स्कूल से पैदल कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर से सीधे मुलाकात कर अपनी समस्या बताने पर अड़ गए। 

छात्रों की सबसे बड़ी नाराजगी इस बात को लेकर है कि स्कूल की नई बिल्डिंग बनकर तैयार हो चुकी है, इसके बावजूद उन्हें वहां शिफ्ट नहीं किया जा रहा है। छात्रों के मुताबिक नई बिल्डिंग का ठेकेदार द्वारा अभी तक हैंडओवर नहीं किया गया है, जिसके चलते तैयार भवन का उपयोग नहीं हो पा रहा और दूसरी ओर विद्यार्थी पुराने जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर हैं।

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छात्रों के कलेक्ट्रेट पहुंचने की घटना को शहडोल में सामने आ रहे Gen-Z अल्फा अंदाज के विरोध से भी जोड़कर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर,सोहागपुर-कंचनपुर की बड़ी संख्या में छात्राएं हॉस्टल से बाहर निकलकर खेत और सड़क पार करते हुए करीब 8 किलोमीटर पैदल कलेक्ट्रेट पहुंची थीं और कलेक्टर को अपनी आपबीती सुनाई थी,लगातार तीसरे दिन छात्रों के कलेक्ट्रेट पहुंचने से स्कूल भवन, सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सवाल यह है कि जब नई बिल्डिंग तैयार है, तो आखिर छात्र-छात्राओं को जर्जर भवन में कब तक पढ़ाया जाएगा और तैयार भवन का हैंडओवर कब होगा। 

वही इस पूरे मामले में उत्कर्ष विद्यालय और रघुराज विद्यालय क्रमांक-2 के प्रभारी प्राचार्य मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि सीमित कक्षा होने के कारण क्लासरूम में पानी भर गया है, उसकी सफाई करा व्यवस्था बनाई जा रही थी , तभी बच्चे बिना बताए चले गए। 

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