सतीश सिंह, गाजीपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गाजीपुर में 692 करोड़ की लागत वाली 268 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों के साथ-साथ विपक्ष, माफिया और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला.

मुख्यमंत्री ने कहा कि गाजीपुर की पहचान वीरों और राष्ट्रभक्तों की भूमि के रूप में रही है. उन्होंने गहमर गांव को एशिया का सबसे बड़ा गांव बताते हुए कहा कि यहां 12 हजार से अधिक सैनिक और पूर्व सैनिक रहते हैं, जिन्होंने देश की आजादी से लेकर 1962, 1965, 1999 के युद्धों और हालिया ऑपरेशन सिंदूर तक देश की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया. उन्होंने 1965 के युद्ध के परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद और 1971 युद्ध के महावीर चक्र से सम्मानित शहीद रामनुग्रह पांडे को याद करते हुए कहा कि यह भूमि शौर्य और बलिदान की प्रतीक है.

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सीएम योगी ने कहा कि एक समय ऐसा था जब गाजीपुर की पहचान संकट में पड़ गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने राष्ट्रनायकों को सम्मान देने के बजाय विदेशी आक्रांताओं का महिमामंडन किया. उन्होंने कहा कि आज डबल इंजन की एनडीए सरकार महाराजा सुहेलदेव जैसे राष्ट्रनायकों को सम्मान दे रही है, जबकि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने कभी उनके नाम पर कार्यक्रम तक नहीं होने दिए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले युवाओं की भर्ती निकलते ही भ्रष्टाचार और वसूली शुरू हो जाती थी. त्योहारों पर दंगे और उपद्रव आम बात थे, इसलिए कोई निवेश नहीं आता था. उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की पहचान बदल चुकी है. “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा” का माहौल है. जो कानून हाथ में लेगा, बेटियों, व्यापारियों और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करेगा, उसके लिए केवल दो ही जगह हैं—जेल या जहन्नुम. उन्होंने जनता से अच्छे सांसद और विधायक चुनने की अपील करते हुए कहा कि विकास तभी संभव है जब जनप्रतिनिधि विकास कार्यों पर ध्यान दें. बिना किसी का नाम लिए उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जहां सांसद अवैध असलहे के लाइसेंस बनवाने में व्यस्त हों और विकास के लिए समय न हो, वहां भगवान ही मालिक हैं.

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मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर माफियाओं का संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग आज भी माफियाओं की कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ते हैं और समाज को बांटने का काम करते हैं. उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम और महर्षि जमदग्नि की भूमि पर माफिया का पनपना दुर्भाग्यपूर्ण था. माफिया समाज का खून चूसते हैं, गरीबों का शोषण करते हैं, व्यापारियों में भय पैदा करते हैं और बेटियों की सुरक्षा के लिए खतरा बनते हैं.

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने पहले दिन से अपराध, अपराधियों, माफिया और उनके संरक्षकों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई. उन्होंने दोहराया कि सरकार ने जो कहा था कि “माफिया को मिट्टी में मिला देंगे”, वह करके दिखाया गया है. अब कोई भी रामलीला या धार्मिक आयोजन में असलहा लहराकर दंगा करने का दुस्साहस नहीं कर सकता. मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक कृष्णानंद राय का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने माफियाओं के खिलाफ संघर्ष किया था, लेकिन सत्ता के संरक्षण में पले अपराधियों ने उनकी और सात अन्य लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी. उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में किसी भी माफिया को संरक्षण नहीं मिलेगा और जो संरक्षण देगा, उसकी भी दुर्गति तय है.