वाराणसी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी में सद्गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित ‘समरसता संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने सामाजिक समरसता, सामाजिक न्याय और संत परंपरा के सम्मान को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं. जिसमें भदोही का नाम बदलकर संत रविदास नगर करने का ऐलान सीएम ने किया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी ने जाति और भेदभाव से मुक्त समाज की कल्पना की थी. उन्होंने रविदास जी की प्रसिद्ध पंक्ति “ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न, छोट-बड़ो सब सम बसें…” का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 81 करोड़ लोगों को बिना किसी भेदभाव के मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है, जो इसी विचार को धरातल पर उतारने का उदाहरण है.

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अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि जालंधर एयरपोर्ट का नाम सद्गुरु रविदास जी और अयोध्या एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया. उन्होंने आरोप लगाया कि समाज को बांटने वाली मानसिकता ऐसे फैसलों का विरोध करती है, जबकि सरकार समाज को जोड़ने का काम कर रही है.

मुख्यमंत्री योगी ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उसकी सरकार ने कन्नौज मेडिकल कॉलेज से बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का नाम हटा दिया था, जिसे उनकी सरकार ने दोबारा बहाल किया. उन्होंने यह भी कहा कि औरैया मेडिकल कॉलेज का नाम लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर रखा गया है.